एटा में साप्ताहिक बंदी की उड़ी धज्जियाँ

एटा में साप्ताहिक बंदी की उड़ी धज्जियाँ
ऐसी में मौज मार रहे अधिकारी, कोल्हू का वैल बना मजदूर

एटा| साप्ताहिक बंदी नियम के अनुसार शासन मजदूरों को भले एक दिन का आराम देनें के पक्ष में हो लेकिन स्थानीय जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी और व्यापारियों की मनमानी के कारण एटा में मजदूर कोल्हू का वैल बना हुआ हैं| ताजा हालातों पर ही गौर करें तो एटा शहर के बाजार की दोकाने और उन पर काम करते श्रमिक इसका जीता जागता नमूना हैं, जिनके दर्द को न अधिकारी समझ रहे और न व्यापारी, नतीजा आज मंगलवार को साप्ताहिक बाजार बंदी होनें के बाद भी जहाँ तहां दुकाने खुली देखी जा सकती हैं जिन पर काम करने वाले मजदूर जैसे एटा के लचर सिस्टम और बेदर्द व्यापारियों की मनमानी से आहात हैं …

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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