
बरेली, बहेड़ी :: सुकटिया याकूबगंज में एक महिला के पति की संदिग्ध मौत के मामले में कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने एक साल बाद मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पीड़िता मुन्नी पत्नी शरीफ अहमद ने बताया कि उसकी बेटी ने पिछले साल 23 मार्च को गांव सुकटिया याकूबगंज के नसीम और मुस्तकीम के खिलाफ थाना बहेड़ी में एक मुकदमा दर्ज कराया था। इस घटना के बाद आरोपी पक्ष के लोग पीड़िता के परिवार से रंजिश मानने लगे और लगातार धमकियां देने लगे।
पिछले साल 26 मार्च की रात आरोपी नन्हे उर्फ बाबू, मो. उमर उर्फ कलुआ, रहीस अहमद और राजू ने पीड़िता के घर में घुसकर मुन्नी और उनकी बेटी आरफा के साथ मारपीट की
इसके बाद ग्राम प्रधान अरशद मलिक ने साजिश के तहत लईक
ग्रामीण की मौत के मामले में एक साल बाद रिपोर्ट दर्ज
अहमद और तौसीफ को शरीफ अहमद को चौकी बुलाने भेजा। शरीफ घर से गया, लेकिन फिर लौटकर नहीं आया।
पिछले साल तीन अप्रैल को दोपहर में पुलिस ने मृतक शरीफ अहमद के फोन से उसके भतीजे रफीक अहमद को कॉल किया और पूछा कि यह नंबर किसका है, जब रफीक ने बताया कि यह शरीफ अहमद का फोन है, तो पुलिस ने बताया कि शरीफ अहमद की मौत हो चुकी है।
पीड़िता का आरोप है कि थाने की पुलिस ने ग्राम प्रधान से मिलीभगत कर ली थी, जिसके चलते उनकी एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इसके बाद पीड़िता चक्कर काटती रही। हालांकि कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस