चेकिंग के नाम पर वाहन चालकों के साथ नहीं होना चाहिए शोषण एवं दुर्व्यवहार
अधिकारियों के बार बार समझाने के बावजूद भी चेकिंग करने वाले पुलिसजनो का नहीं सुधरता व्यवहार

मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर शहर में चेकिंग के नाम पर वाहन चालकों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया जाता है जबकि रसूखदार तथा अपनी पकड़ रखने वाले आसानी से चालान प्रक्रिया से बच भी जाते हैं फिर सवाल यह पैदा होता है कि ऐसी प्रक्रिया को लागू ही क्यों किया जाता है! जिसमें भेदभाव की प्रक्रिया में स्पष्ट नजर आता है! अधिकारियों के निर्देशन में समय-समय पर चेकिंग की जाती है और अधिकारी इस बात को स्पष्ट कहते हैं कि कागजों के नाम पर अवैध वसूली बिल्कुल ना की जाए ना ही इस प्रकार का शोषण किया जाए लेकिन अधिकारियों की बात को और आदेश को नजर अंदाज ओर अनदेखी कर कुछ चेकिंग करने वाले एसआई व पुलिसकर्मी अपनी हरकतों से बाज नहीं आते हैं तथा
अधिकारियों की साख को बट्टा लगाने की कोशिश करते हैं।तस्लीम बेनकाब
उदाहरण के तौर पर मास्क का चालान उन लोगों का किया जा रहा है जो उसका पालन नहीं कर रहे हैं ना लगा रहे हैं लेकिन देखने में आ रहा है कि जो वाहन चालक मास्क लगाकर चल रहे हैं उनको भी इस प्रकार से रोका जाता है उनके पीछे भागा जाता है जबरदस्ती चाबी निकाली जाती है मानो के वह कोई अपराधी हो, चेकिंग के नाम पर यह दुर्व्यवहार किसी भी प्रकार से उचित नहीं है अधिकारी बार-बार अपील करते हैं और कहते हैं कि चेकिंग के नाम पर पुलिस जनता के साथ शालीनता संयम धैर्य दिखाएं और बहुत ही सभ्य तरीके से चेकिंग करें लेकिन बार-बार उनके आदेशों की अवहेलना की जाती है लॉक डाउन का समय चल रहा है आम आदमी कई प्रकार की दिक्कत एवं परेशानियों से जूझ रहा है ऐसे में वाहन चेकिंग के नाम पर शोषण नहीं होना चाहिए इसका गलत संदेश जाता है तथा पुलिस की छवि खराब होती है।तस्लीम बेनकाब।