महाकुम्भ में डुबकी लगाकर अभिभूत हुईं राज्यपाल, कहाः वर्षों तक नहीं भूल पाएंगे दिव्य अनुभव

महाकुम्भ में डुबकी लगाकर अभिभूत हुईं राज्यपाल, कहाः वर्षों तक नहीं भूल पाएंगे दिव्य अनुभव

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने रविवार को त्रिवेणी संगम में लगाई पुण्य की डुबकी

आनंदीबेन पटेल बोलीः डुबकी लगाने के बाद हो रहा बेहद विशिष्ट प्रकार का अनुभव

महाकुम्भ-2025 में योगी सरकार द्वारा की गई तैयारियों की राज्यपाल ने की प्रशंसा, बोलीः जिस प्रकार की व्यवस्थाएं हैं और सुगमतापूर्वक लोग स्नान कर रहे हैं यह अद्भुत है

राज्यपाल ने त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाने के साथ ही बड़े हनुमान मंदिर, अक्षयवट, सरस्वती कूप में किया पूजन-अर्चन

प्रयागराज। महाकुम्भनगर, तीर्थराज प्रयागराज में महाकुम्भ-2025 के महासमागम में रविवार को उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। रविवार को उन्होंने त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाई और महाकुम्भ में सम्मिलित होने के अवसर को उन्होंने विशिष्ट बताया। त्रिवेणी संगम में स्नान के साथ ही बड़े हनुमान मंदिर, अक्षयवट और सरस्वती कूप में विधिवत दर्शन-पूजन व अर्चन किया। महाकुम्भ में डुबकी लगाकर अभिभूत हुईं राज्यपाल ने कहा यह एक अलग प्रकार का दिव्य अनुभव है जो वर्षों तक स्मृतियों में रहेगा। उन्होंने कहा कि डुबकी लगाने के बाद एक विशिष्ट प्रकार का अनुभव हो रहा है जो तीर्थराज प्रयागराज की आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार उनमें कर रहा है।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि तीर्थराज प्रयागराज न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि सारे देश और विश्व की आस्था के केंद्र में है। ऐसे में, देश-दुनिया से करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु यहां आ रहे हैं। इस सारी व्यवस्था को सुव्यवस्थित रखने के लिए योगी सरकार और स्थानीय प्रशासन बधाई का पात्र है। उन्होंने प्रयागराज आकर विभिन्न घाटों पर स्नान करने वाले स्नानार्थियों की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि जिस प्रकार सुव्यवस्थित तरीके से लोग स्नान करके अपने गंतव्य स्थलों को जा रहे हैं वह अद्भुत है।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल रविवार को प्रयागराज एयरपोर्ट पहुंचीं। एयरपोर्ट से हेलिकॉप्टर के जरिए वह डीपीएस अरैल पहुंचीं जहां रिजर्व्ड हेलिपैड पर उनका हेलिकॉप्टर उतरा। यहां से अरैल घाट से मोटर फ्लोटिंग जेटी के जरिए वह त्रिवेणी संगम पहुंची जहां उन्होंने विधिवत स्नान व पूजन-अर्चन किया। इसके बाद मोटर फ्लोटिंग जेटी के जरिए उन्होंने किला घाट पहुंचकर अक्षयवट का पूजन-अर्चन किया। इसके उपरांत, सरस्वती कूप व बड़े हनुमान मंदिर में भी उन्होंने विधिवत पूजन-अर्चन किया।
राम आसरे

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

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