
उत्तर प्रदेश – नेताओं का काम जहर के लेपन से सत्ता प्राप्त करना,
मंडल आयोग सिफारिश के बाद से कांग्रेस उत्तर प्रदेश में सत्ता से बाहर हो गई और अभी भी भविष्य कांग्रेस के प्रति जनता में प्रदेश में दिखाई नहीं दे रहा है ,
लेकिन सत्ता के लिए राजनेता तरह-तरह से जहर घोलकर समाज में सत्ता प्राप्त करते हैं , समाज को कुछ नहीं मिलता लेकिन खुद वह उद्योगपतियों के बराबर खड़े हो जाते हैं , सत्ता के लिए नए-नए अविष्कार करने में लगे रहते हैं क्योंकि उनको पता है कि जनता एक बार एक ही वादे पर ही वोट देती है दोबारा नहीं ,उसको कुछ नया दिखना चाहिए क्योंकि आम मतदाता यह कहता है कि इनको इस बार देख लिया अगली बार उसको भी देख लो,
1989 के बाद से नए-नए इस इसलोक का चुनाव में प्रयोग हुआ ,
कांग्रेस में ब्राह्मण वर्ग का राज ,
जनता दल में पिछड़े वर्गों का राज ,
भारतीय जनता पार्टी में बनिया वर्ग का राज,
समाजवादी पार्टी में यादव वर्ग का राज ,
बहुजन समाज पार्टी में जाटव वर्ग का राज ,
इतना ही नहीं समाजवादी सरकार में आरोप लगाते थे की भर्तियों में यादव विश्वविद्यालय चल रहा है, और
अब वही आरोप भाजपा पर भी लग रहे हैं कि राजपूत महा विश्वविद्यालय चल रहा है ,
अब लोगों को इंतजार है 2027 में कौन सा नया सुफुगा क्या होगा है और नेता लेकर जनता के बीच में आते हैं क्योंकि हिंदू ,मुस्लिम, विकास, भ्रष्टाचार और परिवारवाद मन बहलाने का एक तरीका है चुनाव में यह मुद्दा नहीं बन सकता है ,