
तेज रफ्तार बनी काल… इतनी तेज थी कार कि टक्कर लगने के बाद टूट गई पेड़ की डाल पीलीभीत-टनकपुर हाईवे पर न्यूरिया कस्बे में हुए हादसे में कार की तेज रफ्तार काल बन गई। पल भर में छह जिंदगियां अपनों से दूर हो गईं। हादसे के बाद घटनास्थल पर एक घंटे तक अफरा-तफरी और चीख-पुकार मची रही।जेसीबी और कटर की मदद से कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया। तीन ने कार में ही दम तोड़ दिया, जबकि तीन को अस्पताल पहुंचने पर मृत घोषित किया गया। हादसे के वक्त कार की गति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि टक्कर लगने के बाद पेड़ की एक बड़ी डाल टूटकर कार के ऊपर गिर गई। लोगों ने मुश्किल से डाल को हटाया। न्यूरिया कस्बे के सैकड़ों लोग मौके पर जमा हो गए। कार में फंसे लोगों को निकालने की जुगत चलती रही।
खटीमा क्षेत्र के जमोर गांव के मंजूर अहमद बृहस्पतिवार को सुबह से ही वलीमा और बेटी की विदा कराकर लाने की तैयारी में जुटे थे। परिजन और रिश्तेदारों को ले जाने के लिए कई कारों को किराये पर बुलवाया था। दोपहर में वे पीलीभीत के चंदोई आए।
दिन भर कार्यक्रम में रहने के बाद कई रिश्तेदार घरों के लिए निकल गए। रात में होने वाली चौथी की रस्म के लिए 20 से अधिक परिजन और रिश्तेदार ही यहां रुके। रात करीब नौ बजे पुत्री को विदा कराया। सभी लोग तीन कारों में सवार होकर घर के लिए रवाना हुए। मंजूर ने यह सोचा भी नहीं था कि उनका यह आखिरी सफर है।
न्यूरिया कस्बे में पहुंचते ही थाने के पास चालक ने ओवरटेक करने के लिए कार की गति तेज की। इससे कार अनियंत्रित होकर खाई में जाकर पेड़ से टकरा गई। हादसे में पिता मंजूर समेत छह लोगों की मौत हो गई। इससे आगे चल रही कार भी रुक गई। मौके पर भीड़ जमा हो गई। कस्बे के सैकड़ों लोग घटनास्थल पर जमा हो गए। एक घंटे से अधिक समय तक अफरातफरी का माहौल रहा। अपनों के शव देख परिजन बदहवास हो गए।
पिता, पुत्र और मां को खोकर बदहवास हुए परिजन
बेटी को विदा कर हंसी-खुशी घर लौट रहे मायके पक्ष के लोगों की खुशियां पल भर में ही मातम में बदल गईं। हादसे में किसी ने पिता तो किसी ने पुत्र और मां को खोया। घटनास्थल से लेकर जिला अस्पताल तक परिजनों के रोने-बिलखने का दृश्य जिसने भी देखा आंख में आंसू आ गए। पता चलते ही रिश्तेदार भी अस्पताल की ओर दौड़े चले आए। रात भर जिला अस्पताल में भीड़ लगी रही। लोग परिजनों को सांत्वना देने में जुटे रहे।
सुबह नौ बजे तक हुआ पोस्टमार्टम, एक साथ मृतकों के शव ले गए परिजन
हादसे के बाद पुलिस भी गंभीर हुई। कार से शवों को निकालने से लेकर जिला अस्पताल पहुंचने तक पुलिस सतर्क दिखी। सूचना पर एसपी अविनाश पांडेय भी जिला अस्पताल पहुंचे। घायलों का हाल जाना और चिकित्सकों से बातचीत की। परिजनों से भी जानकारी जुटाई। अफसरों ने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया में भी संजीदगी दिखाई। पोस्टमार्टम रात में कराया गया। सुबह नौ बजे तक सभी शव परिजनों को सौंप दिए गए।
राकिब की मौत और गुलाम की गंभीर हालत देख बदहवास हुए मोहम्मद अहमद
हादसे में दस वर्षीय राकिब की मौके पर ही मौत हो गई। कार में सवार उसका छोटा भाई गुलाम भी गंभीर घायल हो गया। हादसे की जानकारी पर पिता मोहम्मद अहमद जिला अस्पताल पहुंचे। एक पुत्र का शव और दूसरे को घायल देख बदहवास हो उठे। रो-रोकर बुरा हाल हो गया। रिश्तेदार मोहम्मद अहमद को दिलासा देते रहे। चिकित्सकों ने मोहम्मद अहमद को हायर सेंटर रेफर कर दिया। जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
उप मुख्यमंत्री और केंद्रीय राज्यमंत्री ने भी हादसे पर जताया दुख
प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या ने पीलीभीत हादसे पर गहरा दुख जताया। उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट कर संवेदनाएं व्यक्त कीं। घायलों के जल्द स्वास्थ्य होने की कामना भी की। केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने भी हादसे पर दुख जताया। मृतक के परिजनों को संवेदनाएं व्यक्त करने के साथ घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
टक्कर के बाद कार पर गिरी पेड़ की डाल
कार की गति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि टक्कर लगने के बाद पेड़ की एक बड़ी डाल टूटकर कार के ऊपर गिर गई। लोगों ने मुश्किल से डाल को हटाया। न्यूरिया कस्बे के सैकड़ों लोग मौके पर जमा हो गए। कार में फंसे लोगों को निकालने की जुगत चलती रही।
भगदड़ में कार में ही छूट गया राकिब का शव
घटनास्थल से अस्पताल तक अफराफतरी रही। एंबुलेंस और निजी वाहनों से कार में फंसे लोगों को अस्पताल लाया गया। अस्पताल परिसर में बालक राकिब का शव कार में ही छूट गया। करीब एक घंटे तक उसका शव कार में रहा। काफी देर बाद परिजनों को ध्यान आने के बाद उसके बाहर निकाला गया। इस बात की पुष्टि सीएमएस डॉ. रमाकांत सागर ने भी की।
दूसरी कार में सवार थी दुल्हन, हादसे के बाद मातम में बदली खुशियां
हादसे के समय तीन कारों से परिजन घरों को रवाना हुए। तीनों कार आगे-पीछे चल रहीं थी। दुल्हन की कार आगे चल रही थी। हादसे का पता चलते ही सभी कारें रुक गईं। भगदड़ की स्थिति बन गई। पिता मंजूर अहमद की मौत की सूचना से पुत्री हुसना बी की खुशियां मातम में बदल गईं। परिजनों ने कार से दुल्हन को घर के लिए रवाना किया। इधर, हादसे की जानकारी के बाद वर पक्ष के यहां भी सन्नाटा छा गया। दावत का सिलसिला थम गया और लोग घटनास्थल के लिए रवाना हो गए। जहां से वे जिला अस्पताल पहुंचे। शुक्रवार को चंदोई में अनवर के घर पर सन्नाटा पसरा रहा।
शव पहुंचा तो मचा कोहराम
हादसे में अमरिया क्षेत्र के बांसखेड़ा गांव निवासी बाहुद्दीन की भी मौत हुई। शुक्रवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचा तो परिजनों में चीख-पुकार मच गई। मोहल्ले के लोगों की भीड़ जमा हो गई। जुमे की नमाज के बाद गमगीन माहौल में शव दफनाया गया। इसके कुछ देर बाद ही परिजन अपने मामा खटीमा के जमोर निवासी मंजूर अहमद के घर के लिए रवाना हो गए।