अखिल भारतीय समन्वित परियोजना के बैनर तले अन्याय के खिलाफ किया गया विरोध प्रदर्शन

कृषि विज्ञान केंद्र और अखिल भारतीय समन्वित परियोजना के बैनर तले अन्याय के खिलाफ किया गया विरोध प्रदर्शन


लखीमपुर खीरी। कृषि विज्ञान केंद्र और अखिल भारतीय समन्वित परियोजना के बैनर तले आज कृषि विज्ञान केंद्र लखीमपुर खीरी प्रथम द्वारा आईसीआई द्वारा किए जा रहे अन्याय के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है । हमारी जो मांगे हैं वे इस प्रकार से हैं
एक कृषि विज्ञान केंद्र ( के वी के )एक नीति
1.देशभर में के वी के के सभी कर्मचारियों के लिए वेतन में समानता लाई जाए ।
२.एन पी एस (न्यू पेंशन स्कीम ) सहित एक समान सेवानिवृत्ति उपरांत के लाभ लागू किये जाएं ।
३. आर एस परौदा उच्च अधिकार प्राप्त समिति की सिफारिशों के अनुसार के वी के में समान सेवा शर्तों को लागू किया जाए
४. विषय वस्तु विशेषज्ञों को वैज्ञानिक / सहायक प्रोफेसर के रूप में समान रूप से पुनः नामित किया जाए ।

  1. आर एस परौदा उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशों के अनुसार कर्मचारी और स्टाफ पदों का पुनर्गठन किया जाए। इस विरोध प्रदर्शन में मांग की जा रही है कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ,नई दिल्ली स्पष्ट करे कि कृषि विज्ञान केंद्र में कार्य कर रहे स्टाफ इसके या जिस संस्था के प्रशासनिक नियंत्रण में उसके एम्पलाई है
    बताते चलें कि भारतीय कृषि
    अनुसंधान परिषद अपने कृषि विज्ञान केंद्र के स्टाफ को ढेर सारी सुविधाएं दे रहा है किंतु जो कृषि विज्ञान केंद्र इससे अच्छादित नहीं है उनको यह सभी सुविधाएं धीरे-धीरे लगातार बंद करते हुए चली जा रहा है, बार-बार अवगत कराने के बावजूद भी लगातार आए दिन इतर कृषि विज्ञान केंद्र के स्टाफ को अनावश्यक रूप से पत्राचार के माध्यम से परेशान किया जा रहा है जबकि कृषि विज्ञान केंद्र जिला स्तर पर कृषि ,उद्यान पशुपालन , मछली पालन इत्यादि विषयों पर ग्रामवासियों को उन्नत तकनीको से लगातार प्रशिक्षित कर रहा है , इसके बावजूद भी आई सी ए आर दोहरे मापदंड अपना रही है, विगत महीनों से वैज्ञानिकों को वेतन भुगतान भी नहीं हो पा रहा है ।परिषद अनावश्यक रूप से नियमों को लगातार थोपने का प्रयास कर रहा है जिसके कारण वैज्ञानिकों में निराशा लगातार व्याप्त होती जा रही है , अगर परिषद जल्दी कोई न्यायोचित कदम नहीं उठाता है तो इससे खेती – किसानी को बहुत बड़ा झटका लग सकता है , आगे स्थिति और खराब ना हो इसके लिए परिषद को त्वरित कार्रवाई करते हुए कृषि विज्ञान केन्द्रों की जो न्यायोचित मांगे हैं उनको जल्दी से जल्दी पूरा करके एक सकारात्मक कदम उठाए ,यही सभी कृषि विज्ञान केन्द्र के स्टाफों की जायज मांगें हैं।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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