
आज विश्व एड्स दिवस के उपलक्ष्य में गोष्ठी, रैली का आयोजन हर तरह किया गया। आइए हम भी कुछ बात कर लेते हैं एड्स के संक्रमण के तीन मुख्य कारण हैं असुरक्षित यौन संबंधों, रक्त के आदान-प्रदान , संक्रमित सुई या ऑपरेशन के दौरान संक्रमित औजारों के प्रयोग सेतथा माँ के शिशु में संक्रमण द्वारा। सभी को जागरूक रहना होगा एड्स, यानी एक्वायर्ड इम्यून डेफिसिएंसी सिंड्रोम, एक ऐसी बीमारी है जो हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर देती है। यह बीमारी एचआईवी वायरस के कारण होती है, जो हमारे शरीर में प्रवेश कर जाता है और हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर देता है।
एड्स के बारे में जागरूकता बहुत जरूरी है, क्योंकि यह बीमारी अभी भी हमारे समाज में बहुत आम है। अफ्रीका के जंगलों के बंदरों से निकली यह बीमारी है आज हमारे समाज में अपना स्थान बना चुकी है। एड्स के कारण हर साल लाखों लोग अपनी जान गंवाते हैं। एड्स के मरीज भी हमारे समाज का हिस्सा हैं, और उन्हें भी हमारे समाज में सम्मान और समर्थन मिलना चाहिए। आज एड्स दिवस के अवसर पर, हमें एड्स के बारे में जागरूकता फैलाने और इसके प्रति लोगों की सोच को बदलने का संकल्प लेना चाहिए। हमें एड्स के मरीजों के साथ सहानुभूति और समर्थन दिखाना चाहिए, और उन्हें हमारे समाज में सम्मान और समर्थन दिलाने के लिए काम करना चाहिए।
सावधानी हटी दुर्घटना घटी सचेत रहें और इस गंभीर बीमारी से समाज को बचाने में अपना सार्थक योगदानप्रदान करें।
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@रीना त्रिपाठी