श्री देवकीनंदन ठाकुर महाराज जी।

नई दिल्ली।
16 नवंबर, 2024 को दिल्ली में सनातन धर्म संसद का आयोजन किया गया हैं। इस संसद का मुख्य उद्देश्य वक्फ बोर्ड की तर्ज पर एक सनातन बोर्ड के गठन और सनातन धर्म से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करना हैं।
सनातन न्यास फाउंडेशन के अध्यक्ष और धर्मगुरु, श्री देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज के नेतृत्व में यह संसद आयोजित की गई हैं । इस संसद में देश के कई पूजनीय संत, शंकराचार्य, कथावाचक और बड़ी संख्या में सनातनी लोग शामिल होंगे।
यमुना खादर चौथा पांचवा पुस्ता करतार नगर के सामने खजूरी पुस्ता रोड पश्चिम घोड़ा दिल्ली में 14 नवंबर, 2024 को आयोजित प्रेस वार्ता में सनातन न्यास फाउंडेशन के अध्यक्ष धर्मगुरू श्री देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज ने आगामी कार्यक्रम सनातन धर्म संसद के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि 16 नवंबर इसी स्थान पर जहां हम लोग आज प्रेस वार्ता कर रहे हैं यहीं पर धर्म संसद होगी
मीरा कौशिक द्वारा तैयार की गई इस रिपोर्ट के अनुसार, सनातन धर्म संसद में सनातन धर्म के विभिन्न पहलुओं पर गहन चर्चा होगी। विशेष रूप से, सनातन बोर्ड के गठन पर जोर दिया गया, जिसके माध्यम से सनातन धर्म के हितों की रक्षा की जा सके।
सनातन बोर्ड के गठन की आवश्यकता क्यों?
समानता: मुस्लिम समुदाय के लिए वक्फ बोर्ड की तरह, हिंदू समुदाय के लिए भी एक अलग बोर्ड होना आवश्यक है।
हितों की रक्षा: यह बोर्ड सनातन धर्म के हितों की रक्षा करेगा और समुदाय के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
सांस्कृतिक संरक्षण: सनातन धर्म की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करने में यह बोर्ड मदद करेगा।
निष्कर्ष:
सनातन धर्म संसद एक महत्वपूर्ण कदम है जो सनातन धर्म के पुनरुत्थान और समृद्धि के लिए समर्पित है। इस संसद में लिए गए निर्णयों का सनातन धर्म के भविष्य पर गहरा प्रभाव पड़ेगा।
अधिक जानकारी के लिए सनातन न्यास फाउंडेशन से सम्पर्क करें।संसद ।