कृषक अपने खेत में पराली न जलाये


एटा….
कृषक अपने खेत में पराली न जलाये
जिलाधिकारी प्रेम रंजन सिंह के द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में उप कृषि निदेशक रोताश कुमार ने बताया है कि एटा जनपद के विकास खण्ड अवागढ़ ग्राम पंचायत जिनावली में सेटेलाइट द्वारा तीन घटनाओं की सूचना प्राप्त हुई, जिसका उप कृषि निदेशक, एटा एवं उप जिलाधिकारी जलेसर द्वारा स्थालीय निरीक्षण करने पर पाया गया कि तीनों घटनाएँ एक ही खेत में हुई थी. खेत दो भाईयों के शामिल खातें में था, इसलिए दोनों भाईयों से अलग-अलग 2500-2500 रू० जुर्माना वसूला गया। उप कृषि निदेशक, एटा ने कृषकों से अपील की है, कि कोई भी कृषक अपने खेत में पराली न जलाये, अपितु मि‌ट्टी पलटने वाले हल से जुताई करके पराली को मिट्टी में दवाये अथवा पराली को गौशाला में दान कर दें।
अगर कोई कृषक खेत में पराली जलाता है, तो पकडे जाने पर अर्थदण्ड का निम्न प्रावधान है, 02 एकड़ से कम क्षेत्र के लिए रू0 2500.00, 02 से 05 एकड़ क्षेत्र के लिए रू० 5000.00 और 05 एकड़ से अधिक क्षेत्र के लिए रू0 15000.00 तक पर्यावरण क्षति पूतिपूर्ति की वसूली की जाएगी। पुनरावृत्ति करने पर सम्बन्धित के विरूद्ध विधिक कार्यवाही की जाएगी, यह भी अवगत कराया जाता है, कि पराली जलाने की घटना चाहे किसी भी समय की जाए सेटेलाईट द्वारा रिकार्ड की जाती है पराली जलाने वाला कोई भी कृषक इससे बच नहीं सकता।
सभी किसान भाईयों से अपील है, कि पराली को न जलाएं। यदि कोई भी कम्बाइन हार्वेस्टर बिना सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम (एस०एम०एस०) के धान की कटाई करते हुए पायी जाती है, तो मौके पर ही सीज कर दी जायेगी तथा सम्बन्धित थानें को सुपुर्द कर दी जायेगी।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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