
एटा, जनपद के जैथरा विकासखण्ड़ सभागार में राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन नमामि गंगे तथा ग्रामीण जलापूर्ति विभाग उत्तर प्रदेश के तत्वाधान में आईईसी कार्यक्रम के अंतर्गत एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला को संबोधित करते हुए खंड विकास अधिकारी मोहम्मद जाकिर ने कहा कि जल हमारे जीवन के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है बिना जल के जीवन संभव नहीं है इसलिए हम सबको मिलकर जल संरक्षण करने की आवश्यकता है क्योंकि आने वाले समय में वही देश सशक्त और मजबूत होगा जिसके पास पीने योग्य पर्याप्त मात्रा में शुद्ध पेयजल रहेगा इसलिए हम सभी का दायित्व है कि हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए जल को संरक्षित करें
प्रशिक्षक नारायण लाल ने बताया कि किसी भी कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए समाज की प्रत्येक वर्ग का योगदान आवश्यक है। अतः सभी नागरिक को का यह कर्तव्य है कि देश हित व समाज हित में जल जीवन मिशन को सफल बनाना नितांत आवश्यक है इसलिए द्वितीय चरण की आठ गतिविधियों के माध्यम से विकासखंड के सभी ग्राम पंचायत में जन जागरूकता का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा संज्ञान लखनऊ के प्रशिक्षक आशुतोष ने बतलाया कि , भारत का 80% सतही जल प्रदूषित है जो यह दर्शाता है कि भारत जल आपातकाल से गुजर रहा है
देश में उपलब्ध जल संसाधनों की गुणवत्ता में कमी और जनसंख्या में हुई तीव्र वृद्धि के कारण प्रति व्यक्ति पानी की उपलब्धता में भारी गिरावट आई है।
इसलिए जल जीवन मिशन कार्यक्रम के अंतर्गत जन जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को पेयजल का इस्तेमाल बुद्धिमानी पूर्वक करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
जिला अनुश्रवण इकाई विजेंद्र सिंह ने बताया कि हमारे देश में 70% बीमारियां जल जनित हैं जैसे उल्टी-दस्त कालरा डायरिया पीलिया यदि हमें इन बीमारियों से बचना है तो एफएचटीसी कार्यक्रम के माध्यम से प्रत्येक घर को नल से अच्छादित करना होगा।
इस अवसर पर आईएसए कोऑर्डिनेटर डॉक्टर अजीत सिंह बाल विकास परियोजना अधिकारी मधुरानी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ममता पांडे आशा रानी रजनी देवी मंजू चौहान अभिषेक विकास रहमान इत्यादि उपस्थित रहे