राजस्थान : राष्ट्रीय उपाध्यक्ष से क्या राष्ट्रीय अध्यक्ष बन पाएंगी वसुंधरा राजे?

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के बाद अध्यक्ष कौन होगा? इसकी चर्चा राजनीतिक गलियारों और मीडिया के भीतर लंबे समय से चल रही है! चर्चा के बीच जेपी नड्डा को दो बार एक्सटेंशन भी मिल चुका है लेकिन अब चर्चा जोरों पर है कि भारतीय जनता पार्टी अपने नए अध्यक्ष की घोषणा कर सकती है! नए अध्यक्ष के लिए अनेक नेताओं के नाम चर्चा में आए और मीडिया में सुनाई दिए! यह भी सुनाई दे रहा है कि भारतीय जनता पार्टी का नया अध्यक्ष राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पसंद का होगा! इसके लिए संजय जोशी का नाम तेजी से सामने आया! संजय जोशी का नाम उसी तेजी के साथ गायब भी हो गया, जब राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे का नाम सामने आया!
राजनीतिक गलियारों में यह भी खबर तैर रही है कि संघ गुजरात लाॅबी की पसंद का राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं चाहता है, संघ अपनी पसंद का अध्यक्ष चाहता है! ऐसे में वसुंधरा राजे का नाम अध्यक्ष के लिए आना सभी को चौंका देने वाला नाम है! सभी जानते हैं कि वसुंधरा और गुजरात की राजनीतिक जोड़ी मोदी और शाह के बीच 36 का आंकड़ा है! लेकिन सवाल यह है कि संघ की पसंद वसुंधरा क्यों होगी, इसके कई राजनीतिक फैक्टर हैं? श्रीमती वसुंधरा उस मां की बेटी है, जिनकी माता विजय राजे सिंधिया ने भारतीय जनता पार्टी को लोकसभा में दो सीट से चार बार भारतीय जनता पार्टी की केंद्र में सरकार बनाने का रास्ता खोला था! भारतीय जनता पार्टी के उदय से लेकर भारतीय जनता पार्टी को राजनीतिक रूप से ताकतवर बनाने में सिंधिया परिवार की महत्वपूर्ण भूमिका रही है!
श्रीमती वसुंधरा राजे दो बार राजस्थान की सफल मुख्यमंत्री रही है! वसुंधरा राजे की राजनीतिक सफलता का राज ईमानदारी से सबका साथ सबका विकास की नीति रहा है! श्रीमती वसुंधरा राजे को सभी धर्म के लोग और 36 कोम के लोग पसंद करते हैं! वजह है कि श्रीमती वसुंधरा राजे और उनके पुत्र दुष्यंत सिंह अभी तक कोई भी चुनाव नहीं हारे हैं, दोनों लगातार चुनाव जीतते आ रहे हैं! वसुंधरा राजे के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी ने दो बार प्रचंड बहुमत के साथ राजस्थान में अपनी सरकार बनाई!
वसुंधरा राजे को भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने के पीछे संघ की यह मंशा भी हो सकती है! यदि, संघ ने नरेंद्र मोदी और अमित शाह की पसंद के बगैर अध्यक्ष बनाया तो, उसके सामने पार्टी चलाने के लिए आर्थिक संकट आ सकता है! ऐसे में यदि संघ श्रीमती वसुंधरा राजे को अध्यक्ष बनती है तो पार्टी के सामने आर्थिक संकट नहीं आएगा, इस संकट को वसुंधरा राजे संभाल सकती हैं? और वसुंधरा राजनीतिक रूप से देश में भारतीय जनता पार्टी की राजनीतिक ताकत को भी कमजोर नहीं होने देगी! क्योंकि वसुंधरा राजे राजनीतिक रूप से किसी राजनीतिक चाणक्य से कम नहीं है, राजस्थान में वसुंधरा महिलाओं के बीच लोकप्रिय नेता हैं! वह आम लोगों के साथ ऐसे घुल मिल जाती हैं जैसे वह अपने परिवार के साथ घुल मिलकर रहती हैं!
लेकिन सवाल यह है कि क्या वसुंधरा राजे राष्ट्रीय उपाध्यक्ष से राष्ट्रीय अध्यक्ष बन पाएंगी?
देवेंद्र यादव वरिष्ठ पत्रकार/राजनीतिक विश्लेषक कोटा, राजस्थान!