दुकान पर किराने का हिसाब लगाता था ये शख्स, अब बना IPL का स्कोरर

किराने की दुकान में दिहाड़ी कमाने वाला शख्स इस साल संयुक्त अरब अमीरात (UAE) मे होने वाले आईपीएल के दौरान स्कोरकीपर के तौर पर मौजूद रहेगा

किराने की दुकान में दिहाड़ी कमाने वाला शख्स इस साल संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में होने वाले आईपीएल के दौरान स्कोरकीपर के तौर पर मौजूद रहेगा. वह न सिर्फ पहली बार हवाई यात्रा करेगा, बल्कि अपने जीवन में पहली बार एयरपोर्ट पर कदम रखेगा. पश्चिम बंगाल के चिनसुरा (हुगली) के रहने वाले सूर्यकांत पंडा के लिए यह किसी सपने के सच होने से कम नहीं. कुक (रसोइया) के बेटे सूर्यकांत महज 10वीं तक पढ़े हैं, जो दशकों पहले काम ढूंढते हुए ओडिशा से बंगाल में आ गए थे.

32 साल के सूर्यकांत आईपीएल के इलेक्ट्रॉनिक स्कोरर के तौर पश्चिम बंगाल से चुने गए एकमात्र शख्स हैं. उन्होंने हमेशा क्रिकेटर बनने का सपना देखा, लेकिन ओडिशा से पश्चिम बंगाल का रुख करने से क्रिकेटर बनने का उनका ख्वाब अधूरा रह गया. उन्होंने एक किराने की दुकान में काम करना शुरू कर दिया, जबकि उनके पिता कुक का काम करते थे. 2002-2003 के दौरान उन्होंने हुगली डिस्ट्रिक्ट स्पोर्ट्स एसोसिएशन के मैदान पर कुछ मैच खेले, लेकिन जारी नहीं रह सके. हालाकि सूर्यकांत हमेशा क्रिकेट से जुड़े रहना चाहते थे. इसी वजह से उन्होंने अपने लिए स्कोरर बनने का रास्ता चुना.

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दुकान पर सूर्यकांत 

आजतक से उन्होंने कहा, ‘मैं क्रिकेटर बनना चाहता था, लेकिन कई पारिवारिक समस्याएं मेरे लक्ष्य में आड़े आईं. मैं हमेशा खेल से जुड़ा रहना चाहता था और इसलिए स्कोरिंग का रास्ता चुना. मैं 2015 में इससे जुड़ी क्रिकेट एसोशिएशन ऑफ बंगाल (CAB) की परीक्षा में शामिल हुआ और पास कर गया.’

अपने माता-पिता दोनों को खो चुके सूर्यकांत का किराने की दुकान में काम करते हुए भी क्रिकेट के प्रति प्यार बना रहा. वह हुगली जिला खेल संघ में स्कोरिंग करने लगे. 2015 में सीएबी की परीक्षा पास करने के बाद उनका स्कोरर के तौर पर चयन हो गया और फिर सीएबी द्वारा आयोजित अधिकांश मैचों के स्कोरर बन गए.

सूर्यकांत को निरंतर प्रयास और दृढ़ संकल्प ने 2018 में सर्वश्रेष्ठ स्कोरर का पुरस्कार दिलाया. सीएबी के सचिव अविषेक डालमिया ने उन्हें पुरस्कृत किया. सूर्यकांत पंडा अपनी सभी उपलब्धियों का श्रेय मेंटर कौशिक साहा और रक्तिम साधु को देते हैं. रक्तिम साधु कहते हैं, ‘यह मेरे लिए बहुत गर्व की बात है. वह सीखने और सिखाने में बेहद रुचि रखता है. मुझे उससे बहुत उम्मीदें हैं.’

sur-2_081920024306.pngबेस्ट स्कोरर का पुरस्कार 

2020 में आईपीएल के स्कोरर के रूप में चुने जाने के बाद सूर्यकांत बुहत खुश हुए, लेकिन उन्हें यह भी चिंता थी कि किराने दुकान का मालिक उन्हें छुट्टी देगा या नहीं. हालांकि दुकान चलाने वाले विश्वनाथ साधुखान ने उनका बहुत सपोर्ट किया. विश्वनाथ खुद एक फुटबॉलर बनना चाहते थे, लेकिन पिता की बीमारी के बाद उन्हें दुकान संभालनी पड़ी. इसलिए उन्होंने सूर्यकांत के जीवन में खेल के महत्व को समझा.

उन्होंने कहा, ‘मैं फुटबॉलर बनना चाहता था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. जब उन्होंने (सूर्य) मुझे बताया कि वह आईपीएल के लिए चुने गए हैं, तो मैं बहुत खुश हुआ. मैं उन्हें अपने कर्मचारी के रूप में कभी नहीं देखता, वह मेरे लिए भाई या दोस्त की तरह हैं.’

हुगली डिस्ट्रिक्ट स्पोर्ट्स एसोसिएशन के संयुक्त सचिव विकास मल्लिक ने कहा, ‘पूरे हुगली स्पोर्ट्स एसोसिएशन को उनकी उपलब्धि पर गर्व है. वह खुद की मेहनत से यहां तक पहुंचा है. मुझे तब ज्यादा खुशी होगी, जब वह बीसीसीआई की परीक्षा पास कर लेगा. उसे देखकर कई अन्य भी प्रेरित हो सकते हैं.’

सूर्यकांत पंडा 19 अगस्त को बेंगलुरु और फिर 27 अगस्त को दुबई के लिए उड़ान भरेंगे. आईपीएल के दौरान हर दिग्गज क्रिकेटर के स्कोर और टीमों के विकेट सूर्यकांत के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक स्कोर बोर्ड पर दिखाई देंगे. आईपीएल के मुकाबले 19 सिंतबर से 10 नवंबर तक खेले जाएंगे.

जब उनसे पूछा गया कि दुबई पहुंचकर वह सबसे पहले क्या करना चाहते हैं, तो उन्होंने कहा, ‘स्कोरिंग सिस्टम को ठीक से समझने पर फोकस करूंगा. मैं स्कोरिंग पर ध्यान केंद्रित करना चाहता हूं क्योंकि यह मेरा काम है. मैच खत्म होने के बाद ही खिलाड़ियों के ऑटोग्राफ लेने के बारे में सोच सकता हूं.’ सूर्यकांत अब बीसीसीआई की परीक्षा पास कर राष्ट्रीय टीमों के लिए यह काम करना चाहते हैं.

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