
‘शोले’ के इमाम चचा को अमिताभ ने दिए थे 20 लाख रुपये, 3 साल जेल में रहे थे एके हंगल, गुमनामी में बीते आखिरी दिन
साल 1975। रमेश सिप्पी की डायरेक्टेड फिल्म ‘शोले’ रिलीज हुई थी। इसमें गब्बर-साम्भा और जय-वीरू के अलावा ठाकुर की ही चर्चा हुई थी। इसी में एक इमाम चाचा भी थे, जिन्होंने भी एक अहम किरदार निभाया था। उसमें इनका ही वो डायलॉग था, जो आज भी फेमस है, ‘इतना सन्नाटा क्यों है भाई?’ उनका असल नाम अवतार किशन हंगल था। अब वह हमारे बीच नहीं हैं। 2012 में उनका निधन हो गया था। उन्होंने उस दौर की तमाम मूवीज में शानदार काम किया था और अपनी अमिट छाप छोड़ी थी।
एके हंगल ने 225 फिल्मों में काम किया था। और वह कम उम्र में नहीं, बल्कि 52 की उम्र में इंडस्ट्री से जुड़े थे। इनका जन्म सियालकोट में 1914 में हुआ था। अब ये जगह पाकिस्तान में है। कश्मीरी पंडित परिवार से ये ताल्लुक रखते थे। उन्होंने अपना बचपन और लड़कपन पेशावर में बिताया था। यहीं पर थिएटर करना शुरू कर दिया था। हालांकि इसके पहले उन्होंने बतौर दर्जी की नौकरी की थी।