नवागत पुलिस कमिश्नर साहब जरा इधर भी गौर फरमाइए—!

नवागत पुलिस कमिश्नर साहब जरा इधर भी गौर फरमाइए—!
फाउण्ड्री नगर क्षेत्र में चोर-लुटेरों का आतंक
थाना ट्रांस यमुना और एत्माउद्दौला का सम्मिलित क्षेत्र है फाउण्ड्री नगर
आगरा। फाउण्ड्री नगर क्षेत्रांतर्गत भगवती बाग,पवन विहार,राधा नगर,बैकुण्ठी बाग,संजीव नगर,गणेश नगर,शोभा नगर,के के नगर,गोकुल नगर,इस्लाम नगर,राहुल विहार आदि कालोनियों का ज्यादातर क्षेत्र थाना ट्रांस यमुना में आता है तो कुछेक क्षेत्र थाना एत्माउद्दौला के अन्तर्गत भी आता है। इन क्षेत्रों में 2-3 माह के अंदर छोटी- बड़ी चोरी लूट पाट की आधा दर्जन से अधिक घटनाएं घटित हो चुकी हैं मगर अभी तक किसी भी घटना का खुलासा नहीं हो सका है। जिन्हें लेकर क्षेत्रीय जनता में असुरक्षा की भावना पैदा गई है।
इसी श्रंखला में विगत दिवस एक चोरी की घटना भगवती बाग निवासी पत्रकार कृष्ण गोपाल शर्मा के यहाँ घटित हुई जिसमें उनके निवास स्थान के बराबर वाले खाली प्लाट में खडी़ उनके पुत्र अभिनेता दीपक शर्मा की होण्डा सिटी कार की खिड़की खोल कर डैशबोर्ड में लगी एलसीडी को डैशबोर्ड तोड़ कर निकाल कर चोरी कर लिया वही कार की डिग्गी रखी स्टेपनी और जैक को चोर चुरा कर ले गये। घटना की लिखित तहरीर स्थानीय थाने में दे दी गई है।
उल्लेखनीय है कि यमुना किनारे बसा यह क्षेत्र वर्षों से अपराधियों के लिए सोफ्ट कार्नर रहा है। यूँ तो यह क्षेत्र जुआ,सट्टा और आये दिन चोर लुटेरों की धमाचौकड़ी,शराबियों द्वारा शराब पीकर लडा़ई झगड़ा गुण्डागर्दी करना आदि को लेकर हमेशा से ही सुर्खियों में रहा है।ऐसा भी नहीं है कि स्थानीय पुलिस ऐसी गतिविधियों से अनभिज्ञ हो-! मगर ऐसा प्रतीत होता है कि या तो स्थानीय पुलिस किन्हीं कारणों वश जान बूझकर अपराधियों पर अंकुश लगाना नहीं चाहती या फिर अपने को अपराध पर लगाम लगाने में असहाय महसूस कर रही है-?
यहाँ क्षेत्र में व्याप्त गतिविधियों पर प्रकाश डालना आवश्यक है।क्षेत्र में जगह-जगह जूए के फड़ पर दस-दस, बारह-बारह लोगों के झुण्ड जुआ खेलते दिखाई देना आम बात है वहीं एक अच्छी खासी युवा पीढ़ी की संख्या सट्टा खेलने की शिकार है।क्षेत्र के बहुत से युवा तो ऐसे हैं जो सुबह से लेकर रात गए तक शराब पीकर हंगामा करते हुए दिखाई दे जाऐंगे इसके लिए काफी हद तक इन मुहल्लों से सटा हुआ देशी शराब का ठेका भी जिम्मेदार है।
गौर तलब है कि ऐसी गतिविधियों में लिप्त इन युवाओं को इन शौकों को पूरा करने के लिए धन की आवश्यकता भी स्वाभाविक है क्योंकि सट्टा खेलैं तो धन की आवश्यकता पडे़गी जुआ खेलैंगे तो धन की जरूरत और शराब पीने के लिए भी धन की आवश्यकता ही पड़ेगी। परिणामस्वरूप ये आवारा युवा अपने शौकों को पूरा करने के लिए क्षेत्र में चोरी और लूट पाट की घटनाओं को अंजाम देते हैं।
यहाँ यह लिखना भी आवश्यक है कि इनकी वारदातों के शिकार पीड़ित क्षेत्र के भले नागरिक इन अपराधियों के डर की वजह से इनका विरोध नहीं कर पाते और अपनी सामाजिक मान प्रतिष्ठा को बचाए रखने के लिए स्थानीय थाने में घटना की सूचना तक नहीं देते क्यों कि उन्हें मालूम है कि स्थानीय पुलिस अपने स्तर से कुछ नहीं करेगी अपराधी को भी मालूम पड़ जाएगी और वो अपराधी उल्टा पीड़ित का ही जीना हराम कर देंगे‌! इस क्षेत्र के वाशिंदों का दुर्भाग्य है कि इस क्षेत्र में घटनाओं को बाहरी अपराधी कम क्षेत्र के ही गुण्डे ज्यादा अंजाम देते हैं।मगर स्थानीय पुलिस इन अपराधियों पर अंकुश लगाने और अपराधों को रोकने में नाकाम साबित हो रही है और स्थानीय नागरिक अपने को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
अब देखना यह कि नवागत कार्य कुशल पुलिस कमिश्नर साहब इस क्षेत्र के नागरिकों को इन अपराधियों से सुरक्षित कर पाने के लिए कोई ठोस कदम उठाने के आदेश स्थानीय थाने की पुलिस को देंगे या स्थानीय नागरिक यूँ ही इन अपराधियों का शिकार होते रहेंगे-?

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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