
एटा ऑपरेशन जागृति मैं पुलिस महकमा के चिंतन मंथन पर 90 फ़ीसदी अपराध नियंत्रण l
समाज के एक बड़े हिस्से पर दुष्प्रभाव पुलिस व न्यायपालिका पर बढ़ते दबाव का कारण घरेलू हिंसा और इसकी व्यापक निरंतरता में बनती जा रही आम आदमी की तथाकथित अपराधिक जीवन शैली से चिंतित जनपद के तत्कालीन पुलिस अधिकारियों ने प्रोजेक्ट दीदी नाम के कार्यक्रम का आयोजन किया l तब दहेज उत्पीड़न अन्य संबंधित कानून काफी प्रभावी होने के वजह से कार्यक्रम प्रोजेक्ट दीदी सफलता जनपद से निकलकर अन्य जनपद ही नहीं कई राज्यों मैं सफलता का केंद्र बनी जिसमें बड़े ही व्यावहारिक तरीके से पति पत्नी आदि परिजनों को एक टेबल पर बिठाकर उनकी क्रूर भावनाओं को शांत करते हुए पुनः दांपत्य जीवन जीने के लिए प्रेरित करना था जो आज सुलह समझौता के नाम से संचालित है l
इसी तरह के एक और और अत्यंत विशेष महत्वपूर्ण कार्यक्रम ऑपरेशन जागृति जिसे समकालीन पुलिस महानिरीक्षक आगरा के उद्घोष में महिलाओं और बालिकाओं को स्वालंबन उनके प्रति होने बढ़ते जा रहे अपराध मैं कमी लाने के साथ महिला संबंधी कानून का दुरुपयोग रोकने के संकल्प सेl आंशिक मात्र समय में जनपद एटा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने अपने अपर पुलिस अधीक्षक से व्यापक चिंतन मंथन कर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन करते हुए अधीनस्थ पुलिस कर्मियों को शुद्धरणताएवंपारदर्शी लक्ष्यो से प्रशिक्षित कर दोनों सीनियर पुलिस अधिकारियों ने आक्रोशित मानसिकताओं प्रतिशोध विषमताओं को दूर करने व उनका प्रणालिगत हल निकालने के लिए l lमूलभूत सुधारो पर ध्यान केंद्रित कर जटिलता के
साथ अविराम अत्यंत परिश्रमी चक्र क्रम से शहर कस्बा गली मोहल्ला गांव गांव मैं विभिन्न गोष्टी आयोजनों के माध्यम से जनपद के हर अंतिम महिला और पुरुषों को उत्तम मूल्यों का आत्मसात कराते हुए l
ऑपरेशन जागृति में आगरा जॉन के कुल सभी जिलों में जनपद एटा और एटा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार सिंह अपर पुलिस अधीक्षक धनंजय सिंह कुशवाहा के कुशल प्रबंधन में तकरीबन 90% अपराध पर नियंत्रण के साथ जन सामान्य में लोकप्रिय विश्वसनीयता हासिल कर ऐतिहासिक सफलता का उदाहरण पेश किया है l