
एटा,पैमाइश के मामले में दो माह में छह हजार से अधिक मामलों का निस्तारण हो गया। इसके बाद भी जमीन के विवादों में कमी नहीं आ रही है। एसडीएम न्यायालयों में सुनवाई के बाद इनकी पैमाइश कराई जा रही है। जमीनी विवाद जिले में विवाद के मुख्य कारण है। जबकि थाना दिवस में आने वाले फरियादियों की संख्या भी कम ही रहती है।
जिले की तीन तहसीलों में एसडीएम न्यायालय में पैमाइश कराने के लिए आवेदन किए जाते हैं। इन आवेदनों पर सुनवाई के बाद एसडीएम संबंधित जमीन की पैमाइश कराने के आदेश कोर्ट से दिए जाते हैं। तहसील की टीम पहुंचकर संबंधित जमीन की नापकर विवादों को खत्म करती है। पिछले दो महीनों में करीब 6100 से अधिक मामलों की सुनवाई कर जमीन संबंधी आदेश एसडीएम न्यायालयों में किए गए। सबसे अधिक वाद एसडीएम एटा के में दायर हुए। कुल वादों की संख्या 4400 के करीब थी। इसमें 4100 से अधिक मामलों का दो माह में निरस्तार कर दिया गया। एसडीएम जलेसर के यहां से 900 में से 880 वाद जमीनों से जुड़े निस्तारण किए गए। एसडीएम अलीगंज की न्यायालय में जमीन पैमाइश संबंधी 1400 मामलों में से 1300 वाद निस्तारित किए गए। इसके बाद भी जमीन की पैमाइश कराने संबंधी विवाद कम नहीं हो रहे है। ऐसे मामले लगतार बढ़ते जा रहे है।