
फतेहपुर। शहर के सैईयद बाड़ा लाल बाजार मोहल्ले में स्थित एक लाचार और बेबस महिला शबाना ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती प्रार्थना पत्र देते हुए बताया कि वह अपने पुश्तैनी मकान में अपने बच्चों के साथ रह रही है और उसके पति शब्बीर अहमद घर का भरण पोषण करने के लिए परदेश में मेहनत मजदूरी करते हैं। पीड़ित महिला ने बताया कि उसके घर को आने जाने के लिए एक सकरी गली है जिसमें उसके दबंग देवर मोहम्मद सफीक वह उसके पुत्र अली सैफ ने रास्ता अवरुद्ध करने के लिए दो गाय रास्ते में बांधे रहते हैं जिससे आने-जाने में अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। पीड़ित महिला ने बताया कि बिगत 12 नवंबर को उसका पुत्र आदिल स्कूल से घर वापस लौट रहा था और जैसे ही गली के अंदर घुसा तो बंधी गाय ने उसको उठाकर फेंक दिया। इस बात की शिकायत महिला ने अपने देवर से की तो पिता पुत्र दोनों ने मिलकर उसको तथा उसकी पुत्रीयो को जमकर मारा पीटा जिसकी शिकायत उसने थाना कोतवाली में की थी किंतु उसको न्याय नहीं मिल सका और बराबर उसके देवर के द्वारा उसको धमकी दी जा रही है कि मकान छोड़कर चली जाओ नहीं तो पूरे परिवार के साथ इसी मकान में दफन कर दूंगा। पुलिस अधीक्षक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आबूनगर पुलिस चौकी को निर्देश देते हुए कहा कि पीड़ित महिला के साथ न्याय होना चाहिए। मालूम रहे कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी बड़ा बयान जारी करते हुए कहा था कि रास्ते या गलियों में पालतू जानवर नहीं बांधे जाएंगे और यदि बांधे जाने की शिकायत मिलती है तो पशुपालक के खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाएगी। पीड़ित महिला को आखिरकार न्याय मिले भी तो कैसे बाप बड़ा ना भैया सबसे बड़ा रुपैया वाली कहावत यहां पूरी तरह से चरितार्थ होती नजर आ रही है। जब खाखी के ऊपर रखा है रिश्वत का भार तो न्याय दिलाने पर कैसे करेंगे विचार। अब देखने वाली बात यह है कि पुलिस अधीक्षक के निर्देशों का आबूनगर पुलिस चौकी पालन करती है या फिर उनका आदेश हवा हवाई ही साबित होगा।