
कोई मामूली हस्ती नहीं हैं ये। आप हैं पंडित दीनानाथ मंगेशकर। भारत की महानतम गायिका लता मंगेशकर जी के पिता। 29 दिसंबर 1900 को गोवा में इनका जन्म हुआ था। उस ज़माने में गोवा पर पुर्तगालियों का राज चलता था। पांच साल की उम्र से ही संगीत साधना शुरू करने वाले पंडित दीनानाथ मंगेशकर जी ने ग्वालियर घराने से भी संगीत की दीक्षा ली थी। दीनानाथ मंगेशकर जी ने कई अन्य शास्त्रीय संगीत गुरुओं से भी तालीम ली थी। जैसे, पंडित सुखदेव प्रसाद और श्री बाबा मशेलकर। छोटी उम्र से ही ये नाट्य मंडलियों से भी जुड़ गए थे। और बहुत हल्की उम्र में ही इन्होंने अपनी खुद की नाट्य मंडली भी बना ली थी। इन्होंने मराठी थिएटर करना शुरू कर दिया। आवाज़ तो ईश्वर ने अच्छी दी ही थी, साथ ही साथ देखने में भी ये आकर्षक थे। सो जल्द ही मराठी थिएटर जगत में इनका नाम होने लगा। इनकी ख्याति का अंदाज़ा आप ऐसे लगा सकते हैं कि उस वक्त के मराठी थिएटर के सबसे बड़े नाम, बाल गंधर्व जी ने ऐलान कर दिया था कि अगर पंडित दीनानाथ मंगेशकर उनकी मंडली से जुड़ते हैं तो वो खुद उनका स्वागत उनके कदमों में कालीन बिछाकर करेंगे। पंडित जी के बारे में बहुत कुछ लिखा जा सकता है। लेकिन उसके लिए पंडित जी को सिलसिलेवार ढंग से पढ़ना होगा। मैंने अभी तक इनके बारे में कोई किताब या आर्टिकल नहीं पढ़ा है। जिस दिन मौका मिलेगा, ज़रूर पढ़ूंगा। और अपने फेसबुक परिवार के साथ साझा भी करूंगा। पंडित दीनानाथ मंगेशकर जी को किस्सा टीवी की तरफ से शत शत नमन।