न्याय की दो आँखे, जज और अधिवक्ता:-न्यायमूर्ति

न्याय की दो आँखे, जज और अधिवक्ता:-न्यायमूर्ति
एटा,
कलेक्ट्रेट बार एटा के सौजन्य से बार के सभागार में उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति/एटा के प्रभारी प्रशासनिक जज नलिन कुमार श्रीवास्तव का स्वागत कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।कार्यक्रम की अध्यक्षता बार के अध्यक्ष अशोक कुमार सिकरबार ने की, और संचालन अमित जौहरी व अरुण उपाध्याय एडवोकेट ने किया।इस अबसर पर मंचासीन अतिथियों में न्यायमूर्ति नलिन कुमार श्रीवास्तव, बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के चेयरमैन शिव कुमार गौड़, जिला न्यायाधीश रवीन्द्र कुमार, परिवार न्यायालय की प्रधान न्यायाधीश अनीता राज, एम0ए0सी0टी0के जिला जज अहमद उल्ला खान, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कामायनी दुवे, अपर जिलाधिकारी वित्त व राजस्व आयुष चौधरी,एसएसपी राजेश कुमार, बार के अध्यक्ष अशोक सिकरबार, महासचिव ग्रीश चन्द्र शर्मा मंचासीन के साथ ही समस्त अपर जिला सत्र एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट मौजूद रहे।कार्यक्रम में समस्त अतिथियों का बार के पदाधिकारियों ने बुके भेंट कर और फूलमालाओं से स्वागत किया।इस अबसर पर वरिष्ठ अधिवक्ता पंकज कुमार उपाध्याय ने अपनी लिखित ग्रंथ पांचजन्य मंचासीन अतिथियों को सप्रेम भेंट की।कार्यक्रम का शुभारंभ महिला अधिवक्ता के स्वागत गीत के साथ ही अधिवक्ता मुजहित अली की स्वागत शेरोशायरी के साथ हुआ।इस अबसर पर प्रथम अधिवक्ता सी0पी0सिंह ने कहा कि अधिवक्ता और पीठासीन अधिकारी मिलकर ईमानदारी के साथ काम करते रहे तो पीड़ितों को जल्द समाधान मिलेगा।इसी के साथ अन्य विद्वान अधिवक्ताओं ने भी बार और बेंच रिलेशन बनाये रखने पर चर्चा की, जिला जज रवीन्द्र कुमार ने कहा कि युवा अधिवक्ताओं को गहन अध्ययन करना चाहिए,और अपने सीनियर अधिवक्तों का सम्मान कर उनसे सीखने की समझ डबलप करनी चाहिए।बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के चेयरमैन शिव कुमार गौड़ ने कहा कि हमारे बीच न्यायमूर्ति नलिन कुमार श्रीवास्तव आये हैं हम अधिवक्ताओं की ओर से उनका स्वागत करते हैं।और उत्तर प्रदेश के अधिवक्ताओं के साथ साथ एटा के अधिवक्ताओं की हर समस्या समाधान के लिए वह हमेशा तत्पर है।एटा के प्रभारी प्रशासनिक जज/उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति नलिन कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि 32 वर्षो से न्याययिक सेवा में हूँ,बेंच और बार रिलेशनशिप, न्यायपालिका और कार्यपालिका के साथ मिलकर कार्य किया है एटा के अधिवक्ताओं की हर समस्याओं के समाधानके लिए वो उनके साथ खड़े हैं।उन्होंने न्यायिक अधिकारियों की ओर इशारा करते हुए कहा कि जज और अधिवक्ता न्यायपालिका की दो आँखे हैं, इसलिए हम दोनों को मिलकर कार्य करते रहना चाहिए।तभी हम त्वरित न्याय करने में सफल रह सकते हैं।उन्होंने आगे बोलते हुए युवा पीढ़ी के अधिवक्ताओं से कहा कि आज का युग तकनीकी युग है इसलिए तकनीकी पद्धिति का उपयोग करके भी जल्द आगे बढ़ा जा सकता है।
अंत में महासचिव ग्रीश चंद्र शर्मा ने न्यायमूर्ति और जिला जज की ओर इशारा करते हुए जमानत वेरिफिकेशन ऑनलाइन कोर्ट स्तर से ही कराने की मांग की।बार के अध्यक्ष अशोक कुमार सिकरबार ने सभी अतिथियों और अधिवक्ताओं का कार्यक्रम में उपस्थित रहने के लिए आभार जताया।इस अबसर पर अछिवक्ताओ में डी0जी0सी0क्रमि0रेशपाल सिंह राठौर, ड़ी0जी0सी0सिविल जितेन्द्र कुमार, वृजेन्द्रपाल सिंह वर्मा,राजबहादुर उपाध्याय, रक्षपाल सिंह शाक्य, विनय कुमार उपाध्याय, पंकज कुमार उपाध्यय,यदुवीर सिंह चौहान, ब्रजराज सिंह, शुभाष चन्द्र शर्मा, राकेश यादव,विवेक सिकरबार, रमेश राजपूत, लोकेंद्र सिंह,कृष्णपाल सिंह, शीलेन्द्र कुमार, देवेन्द्र कुमार लोधी,अनिल शर्मा, रूपराम, उदयवीर सिंह, अवधेश शाक्य, अर्जुन यादव, आकाश कुमार, अनुज कुमार, दीपक पाठक,ए0डी0जी0सी0 प्रवेश भारद्वाज,संध्या भारती,सरिता कुमारी, नैना शर्मा, आरती यादव, शिखर गुप्ता, सुनीता त्रिपाठी, पूजा सक्सेना,संजय उपाध्याय, रतन वर्मा, लोकेंद्र राजपूत,अनुज उपाध्याय आदि सैकड़ो अधिवक्ता उपस्थित रहे।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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