फिल्मी हस्तियों के साथ हुआ छठवें सांस्कृतिक पर्यटन का अन्तर्राष्ट्रीय फिल्मोत्सव की शुरुआत।

वाराणसी में पहली बार होने वाले इस छठवें सांस्कृति पर्यटन के अन्तर्राष्ट्रीय फिल्मोत्सव के उद्घाटन समारोह में पूर्व मंत्री अल्पसंख्यक मंत्रालय व पूर्व मंत्री सूचना प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार मुख्तार अब्बास नकवी ने द्वीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया और उनके साथ प्रकाश झा निर्माता निर्देशक अभिनेता देबाश्री रॉय अभिनेत्री सुधीर पांडे अभिनेता अश्विनी अय्यर तिवारी निर्देशक रूमी जाफ़री निर्देशक लेखक मनीष तिवारी निर्माता निर्देशक मधुरिमा तुली अभिनेत्री और मॉडल वरुण शेट्टी निर्माता विनोद गनात्रा निर्माता निर्देशक इत्यादि फिल्मी हस्तियां मंच पर विराजमान रहे।
प्रकाश झा ने अपने दो शब्दीय सम्भाषण में विशेषतः कहा कि ऐसे आयोजन होते रहने चाहिए क्योंकि फिल्म फेस्टीवल ही ऐसे मंच प्रदान करता है जहां फिल्मकार और दर्शक सीधे सीधे एक दूसरे से जुड़ते हैं और अपनी बातें साझा करते हैं।
छठवें सांस्कृतिक पर्यटन के अन्तर्राष्ट्रीय फिल्मोत्सव वाराणासी में दर्शकों का स्वागत करते हुए फेस्टीवल चेअरमैन श्री देवन्द्र खंडेलवाल ने बाताया कि इस मनोरंजक और ज्ञानवर्धक कार्यक्रम में उपस्थित हुए इसकी उन्हें अपार खुशी है। सांस्कृतिक पर्यटन के अन्तराष्ट्रीय फिल्मोत्सव का जैसे कि इसके थीम बेस्ड नाम से ही परिचय मिलता है कि इसका उद्देश्य मात्र पर्यटन को बढ़ावा देना ही नहीं है साथ ही विश्व की संस्कृतियों को समझना जानना भी है ताकि इको टूरिज्म रूरल टूरिज्म आदि अनेक टूरिज्म के साथ साथ सांस्कृतिक पर्यटन का भी विस्तार प्रसार हो।
हमेशा से इस फिल्मोत्सव को बहोत बेहतरीन रिस्पोंस मिला है और इस बार भी 115 देशों से 3212 फिल्म एन्ट्रीस मिली वो मात्र 25 से 30 दिन के नोटिस पर वे आगे कहते हैं कि अगर और पहले अनाऊंस करते तो शायद ये फिल्म सबमिशन 5 हज़ार के अंक को पार कर जाता है। प्रीलिमिनरी जूरी ने भी अपना खूब समय लगाकर लगभग सभी फिल्मों को पूरा पूरा देखा और चयन किया। 45 देशों की लगभग 94 क्रीम फिल्मों का यहां प्रदर्शन हो रहा है। दर्शकों से उन्होंने अपील कि वे फिल्मकारों की मेहनत और लगन से बनाई इन बेहतरीन फिल्मों को देखें और आनन्द लें।
पर्यटन विभाग उत्तर प्रदेश सरकार के प्रायोजन से मुम्बई की नामचीन कम्पनी आयआय. एम. सी. इंडियन इन्फोटेन्मेट मीडिया कोरपोरेशन वाराणासी में कर रही है आयोजित 6वां सांस्कृतिक पर्यटन का अन्तर्राष्ट्रीय फिल्मोत्सव जिसमें दिखाई जा रही हैं 115 देशों से मिली साढ़े तीन हज़ार फिल्मों से चुनी 93 लघु फिल्में। जिनमें से पहले दिन लगभग 32 बेहतरीन फिल्में दिखाई गईं। जिनमें ओपनिंग फिल्म, चाईना की एन्ट्री रोमांस सागा ऑफ राम एंड सीता की खासी चर्चा रही। यह एक प्रमोशनल फिल्म के साथ-साथ एक मूल संगीत वीडियो है जो भगवान राम के प्रति चीनी मानस और धारणा को दर्शाने वाली एक प्रकार का दृश्यावली है। फिल्म श्रीलंका में जनमें और हॉलीवुड की कई हिट फिल्मों में विजुअल इफेक्ट करने वाले साई सुरेन्द्र ने निर्देशित की है और वे ही फिल्म के निर्माता हैं। वे खुद तो फिल्म को रिप्रेजेंट करने नहीं आ पाए लेकिन फिल्म के एक्ज़ीक्यूटिव प्रड्यूसर सुरजीत गिरीश फिल्म की स्क्रीनिंग के समय मौजूद रहे। फेस्टीवल डिरेक्टर श्रीवास नायडू से चर्चा करते हुए सुरजीत ने बताया कि वे लोग राम पर पूरी फीचर फिल्म बनाने के लिए तैयारी कर रहे हैं और निर्देशक साई सुरेन्द्र पिछले छःसात साल से रिसर्च कर रहे हैं और जल्द ही इस फिल्म की शूटिंग शुरु होगी।
आज यानि दिनांक 2 दिसम्बर 2023 में तीन शोज़ में दिखाई जाने वाली हैं और हर शो में भारत की दो दो फिल्में प्रदर्शित होंगी। वैसे तो सभी फिल्में रुचिकर हैं क्योंकि आप समझ सकते हैं कि प्रिलिमिनरी जूरी ने 3212 फिल्मों में से मात्र 94 फिल्में चुनी हैं। हां ये बात अलग है कि समय की बंदिश के कारण भी कई अच्छी फिल्मों को रखा न जा सका, उनमें भी कुछ बहुत बेहतरीन फिल्में थीं लेकिन उनकी अवधि फेस्टिवल के रूल्स एंड रेगूलेशन के रनिंग टाईम के क्राइटेरिया से लगभग दोगुना थी। फिर भी आज दिखाई जाने वाली कुछ एक खास खास क्रीम फिल्मों का जिक्र होना जरूरी है। ये फिल्में हैं नेपाल से आई बाइसिकल हीरो जो एक जांबाज़ साईकिल चालक की कहानी कहती है जिसने 11 साल में सायकल पर दो लाख इक्कीस हज़ार कि.मी. का सफर तय किया और पूरी दुनिया में घूमा और न जाने कितने ही खतरों से खेलना पड़ा।
ब्राज़ील की फिल्म आईसलैंड ऐन इंटरप्लैनेटरी जर्नी सवा तीन मिनट की ये फिल्म दर्शकों को खुद आकर पूरी फिल्मों का मज़ा लेना चाहिए।