देश के प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री सहित प्रशासनिक अधिकारियों के नाम अखिल भारतीय किसान यूनियन का खुला पत्र
—————————————————————एटा, प्रदेश एवं देश के विभिन्न क्षेत्रों के किसान के साथ शासन की मंशा के विपरीत धरातल पर आ रही समस्याओं के समाधान को चाहते हैं कोरोना वाइरस की बजह से पूरा संसार तवाह है हमारा देश भी गम्भीर परिस्थितियों से गुजर रहा है पूरे देश की अर्थव्यवस्था के नाम पर सब की नजर किसानों पर लगी है उसी को देखते हुए सरकार ने कृषि कार्य के लिए छूट दी गई है लेकिन छूट के विपरीत सम्बंधित व्यापारियों एवं अधीनस्थ कर्मचारियों ने लूट करनी शुरू कर दी है किसानों के सामने आ रही व्यवहारिक रूप से दिक्कतों को किसानों ने हम लोगों तक पहुचाया है उसी को दृष्टिगत रखते हुए सांकेतिक रूप से आपके समक्ष निम्नलिखित मांगो को रखा जा रहा है इसका तत्काल समाधान कराने का कष्ट करें।
1 :- प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के 2000 रु0 दिलाने के नाम पर किसानों से 1000रु अधीनस्थ कर्मचारियों के द्वारा रिश्वत में लिए जा रहे हैं इसे तत्काल रोक कर दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की जाए।
2 :- गेंहूँ की ट्रेसिंग के लिए ट्रैक्टर एवं थ्रेसर, ट्रॉली को सही कराने के लिए सम्बंधित उपकरणों की दुकानें पुलिस प्रशासन द्वारा खुलने नहीं दी जा रही हैं ऐसी स्थिति में किसान जव सम्बंधित पार्ट्स खरीदने के लिए निकलता है तो रास्ते में पुलिस लठ्ठ लगाती है वहीं व्यापारी चोरी से दुकान खोलने एवं पार्ट्स की बाहर से सप्लाई न होने का बहाना बना कर मनमानी रकम वसूल रहे हैं तत्काल सुबिधा सुनिश्चित कराई जाए।
3 :- सरकारी गेंहू क्रय केन्द्रों पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के नाम पर फर्द आदि की प्रमाणिकता की बजह से किसानों के रजिस्ट्रेशन नही हो पा रहे हैं जबकि लोक डाउन की बजह से तहसील कार्यालय बन्द है इस बजह से सम्बन्धित उपजिलाधिकारी की तरफ से किसानों की ऑनलाइन रिपोर्ट नही लग रही है इसलिए किसान क्रय केन्द्रों पर गेंहू नहीं पहुंच रहा है अंततः किसान ओने पौने दामो में फसल को मंडियों में बेचने को बाध्य होंगे।
4 :- सब्जी बाजार में बेचकर गांव जाने पर पुलिस किसानों पर लाठीचार्ज करती है और सार्वजनिक रूप से बेइज्जत करती है इसे तत्काल रोका जाए।
5 :- राजिस्थान के भरतपुर से आस पास के सभी प्रदेशों के किसान थ्रेसिंग के लिए कटर / थ्रेसर खरीदते हैं काफी किसानों का एडवांस पेमेंट जमा होने के बाद भी किसान लोकडाउन की बजह से कटर ला नही पा रहे हैं तत्काल व्यवस्था कराई जाए।
6 :- जब चुनाव के समय पूरे देश में घर घर चुनाव आयोग पर्चियां भिजवा सकता है तो राशन डीलर गरीबों के घर तक राशन क्यों नहीं पहुंचव सकते है और हो रही ब्लेक को रोका जाए।
7 :- गेंहूँ की फसल पकी हुई खड़ी है और बिजली की सप्लाई पर्याप्त नहीं मिल रही है जबकि देश के किसान की फसलें आग लगने पर तवाह हो रही हैं सरकार के पास पर्याप्त अग्निशमन विभाग की गाड़ियां भी नहीं है अगर बिजली की सप्लाई पर्याप्त रहे तो किसान मजदूर निजी नलकूपों के सहयोग से अनहोनी घटना होने पर तत्काल काबू पा सकते हैं।
8 :- फसल की कटाई के लिए दरांती आदि की पर्याप्त दुकानों को तत्काल खुलबाया जाए।
9 :- देश में बहुत सारे ऐसे भी बड़े किसान हैं जिनकी अन्य प्रदेश में जमीन हैं और वो लोकडाउन की बजह से कहीं और फसे हैं और अपनी जमीन से फसल भी नहीं कटवा पा रहे हैं इसे लोगों की तत्काल मदत कराई जाए।
निवेदक :-
अखिल संघर्षी राष्ट्रीय अध्यक्ष, सुरेन्द्र शास्त्री राष्ट्रीय महासचिव, तेज सिंह वर्मा राष्ट्रीय महासचिव, रामकिशन यादव राष्ट्रीय सरंक्षक, अवधेश गुप्ता राष्ट्रीय सचिव, अनिल सोलंकी राष्ट्रीय प्रवक्ता, मनोज शर्मा अध्यक्ष व्रज प्रदेश, बबलेश यादव युवा प्रदेश अध्यक्ष, सरदार करनैल सिंह, विनय एड0, अरविन्द शाक्य, संजीव यादव, अमित अग्रवाल, अरविन्द मौर्या, कमलेश सिंह, अवधेश यादव, थान सिंह लोधी, दिनेश यादव, नीटू भाई, गौरव यादव, डॉ0 राजपाल सिंह वर्मा, आशू यादव, अनुज यादव, योगेश राजपूत, आंशू खान, आशुतोष, बबलू नागर, ठा0 अखण्ड प्रताप, अशोक कुमार, ज्ञान सिंह शाक्य, दोजीराम कुशवाहा, बीरेन्द्र वर्मा, टीटू यादव, नत्थू खां, देवव्रत, अम्बुज यादव, सुमित यादव सहित आदि कार्यकर्ता।