
एटा – उद्योग केंद्र के उपायुक्त प्रेमकांत ने बताया कि एमएसएमई योजना के तहत आवेदन करने वाले लोगों को बैंकों से पैसा मिलना शुरू हो गया है। अभी हाल ही में प्रबल प्रताप सिंह और जुबैर खान का पांच-पांच लाख रुपया दिया गया है। प्रबल प्रताप सिंह लोन से मिले पैसे से शटरिंग का काम करेंगे। जुबैर भी शटरिंग का काम करेंगे। पैसा मिलने के बाद इन लोगों ने काम करने के लिए तैयारियां शुरू कर दी है। हिन्दुस्तान समाचार पत्र ने नौ नबंवर को खबर प्रकाशित की थी। इसमें बैंकों में उलझा युवाओं के सपनों का रोजगार, नहीं मिल पा रहा लोन की खबर प्रकाशित की थी। इस खबर के बाद डीएम प्रेम रंजन सिंह ने उपायुक्त को निर्देश दिए कि वह स्वरोजागार करने वालों को पैसा दिलाया जाए।
मालूम हो कि मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के लिए जिला उद्योग केंद्र की ओर से आवेदन मांगे गए थे। 48 युवाओं के आवेदन पत्रों का चयन किया गया। जो युवा अपने पसंद का उद्योग लगाना चाहता था, उसके हिसाब से बैंकों को आवेदन भेज दिए गए। अधिकांश आवेदक 10 लाख रुपये से लेकर 20 लाख रुपये की लागत से चलने वाले उद्योग लगा रहे थे। 20 से अधिक आवेदकों को बैंकों की ओर से पैसा ही नहीं दिया गया। यह लोग बैंकों के चक्कर लगा रहे हैं। छह माह से अधिक का समय होने के बाद भी इन लोगों को पैसा नहीं मिल सका। अब कुछ ने तो यह मन बना लिया कि पैसा नहीं मिलेगा। अधिकारियों से गुहार लगाने के बाद भी उन्हें पैसा नहीं मिल सका।