जिलाधिकारी के हाथ से निकलता जिला!

एटा,एक तरफ देश की अखड़ता पर बात की जाती है और जिस व्यक्ति के व्यक्तित्व की आधारशीला पर भारत सरकार वर्तमान में राष्ट्रीय एकता दिवस मना रही है उसी के साथ जनपद में छल-फरेब किया जा रहा है।
पुरे देश में राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप मे आज का दिन मनाया जा रहा है। सभी विभागों के साथ ही शिक्षा विभाग को इस दिवस को बेहतर रूप से मनाने के निर्देश जारी हुए है व बच्चों को इस दिन की महत्वता जाननी बेहद जरुरी है।
जनपद एटा के सभी ब्लॉको मे लगभग 40 % स्कूलों के आज 10 बजे तक ताले ही नहीं खोले गये है.
अलीगंज, जैथरा ब्लॉक सबसे आगे है जहाँ पर स्कूलों को खोला ही नहीं गया है।
जरेलिया, धरोली स्कुल के सभी अध्यापक गायब है। यह दोनों स्कूल जैथरा ब्लॉक मे मौजूद है।
वही अलीगंज के सड़क से लगे स्कूलों पर भी ताले जड़े हुए मिले है।
मारहरा ब्लॉक व निधोली ब्लॉक की हालत भी ऐसी ही है।
यह हालत इसलिए नहीं है कि सरकार निक्क्मी है, इन स्कूलों मे अध्यापक के ना आने के कारण भी है। सबसे पहले तो ABSA स्तर पर पैसों की लूट और अध्यापको को छूट देना है।
दूसरे कारण यह है कि नवागत जिलाधिकारी प्रेम रंजन सिंह की नजर इस विभाग पर महज इतनी भर है कि स्कूल ठीक है। जबकि BSA इस पुरे खेल में सीधे शामिल रहते है। क्योंकि इन महाशय के निर्देश के बिना तो शिक्षा विभाग मे पत्ता भी नहीं हिलता है।
महान नेता वल्ल्भ भाई पटेल जी आप की यह हालात होने का भी जिम्मा बीजेपी सरकार का है क्योंकि आप को किताबों से निकाल कर यही लोग लाये थे. वरना अच्छे खासे किताबों मे छुपे आराम कर रहे थे….
जिलाधिकारी प्रेम रंजन सिंह को इस तरफ देखना चाहिए कि जिले कि हालत ख़राब ना हो। क्योंकि कार्यक्रमों के फीते नेताओं के भरोसे रहे तो ठीक है!!!