
टमाटर के भाव कम होने के बाद अब प्याज पर बढ़ती महंगाई
एटा, । पिछले दिनों टमाटर के भाव कम होने के बाद अब प्याज पर बढ़ती महंगाई ने लोगों की रसोई का बजट बिगाड़ना शुरू कर दिया है। पिछले सप्ताह बीस रुपये किलो मिलने वाली प्याज वर्तमान में 60 से 70 रुपये मिल रही है। इससे होटल और ढाबों पर सलाद के रुप में मिलने वाली प्याज गायब हो गई है।
जिले की मुख्य सब्जी मंडी में पिछले तीन दिनों से प्याज की आवक बंद है। इससे प्याज पर कई गुना महंगाई बढ़ गई है। बाहरी क्षेत्रों से प्याज न आने के कारण व्यापारी गोदामों से रखे स्टॉक को निकाल कर महंगा कर बेच रहे हैं, जिससे के बाद फुटकर विक्रेता उसे और भी अधिक दामों में बेच कर भरपूर मुनाफा कमा रहे हैं। इसका नकारात्म असर मध्यम वर्गीय लोगों के अलावा होटल और रेस्तरां संचालकों की जेब पर पड़ रहा है। बता दें कि पिछले सप्ताह प्रमुख सब्जी मंडी में द्वितीय श्रेणी की प्याज का भाव 900 से 100 एवं प्रथम श्रेणी की प्याज का भाव 1400 से 1500 रुपये प्रति कुंतल था। यह प्याज बाजारों में फुटकर 20 से 25 रुपये प्रति किलो मिल रही थी। पिछले तीन दिन से मंडी में प्याज न आने से व्यापारियों ने गोदामों में प्याज निकाल कर बेचना शुरू कर दिया। वर्तमान में मुख्य सब्जी मंडी में द्वितीय श्रेणी की प्याज का थोक भाव 4300 से 4400 रुपये प्रति कुंतल के बीच बना है। वहीं प्रथम श्रेणी की प्याज पांच हजार से 5100 रुपये प्रति कुंतल तक मिल रही है। जबकि बाजारों में फुटकर विक्रेता द्वितीय श्रेणी की प्याज 60 से 65 एवं प्रथम श्रेणी की प्याज को 70 से 75 रुपये प्रति किलो तक बेच कर मोटा मुनाफा कर रहे है।