
जच्चा-बच्चा नहीं किया भर्ती, बच्चे की हुई मौत
एटा, । मेडिकल कालेज की एमसीएच विंग में रविवार देरशाम गंभीर हालत में लेकर आए जच्चा-बच्चा को भर्ती कराने को परिजन स्टाफ, चिकित्सकों से जूझते रहे। उसके बाद भी स्टाफ ने जैथरा से रेफर होकर आई प्रसूता को विंग में भर्ती नहीं किया। उससे बच्चे की विंग के बाहर ही मौत हो गई। परिजनों ने एमसीएच विंग के प्रसव रूम में रहने वाले स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
ब्लॉक जैथरा के गांव गढिया सुहागपुर निवासी रामविलास ने बताया कि रविवार को वह भतीजे की पत्नी 25 वर्षीय रूबी पत्नी सुरजीत को परिजनों ने प्रसव पीड़ा होने पर पीएचसी जैथरा पर दोपहर बाद 3.30 बजे भर्ती कराया गया। जहां पर महिला का 334 मिनट पर प्रसव कराया गया। प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा की हालत बिगड़ने पर पीएचसी स्टाफ ने मेडिकल कालेज की एमसीएच विंग ले जाने के लिए शाम 430 बजे रेफर कर दिया। निजी वाहन से प्रसूता और बच्चा को लेकर परिजन मेडिकल कालेज की एमसीएच विंग पर पहुंचे। जहां पर मौजूद चिकित्सक, स्टाफ ने परिजनों से खून की व्यवस्था करने पर ही जच्चा-बच्चा भर्ती करने की कह दिया, जिस पर परिजनों ने स्टाफ से कहा कि वह जच्चा-बच्चा को भर्ती कर उपचार शुरू कर दें। वह खून की व्यवस्था कर रहे हैं। 45 मिनट तक स्टाफ से बच्चा भर्ती कराने के लिए परिजन जूझते रहे। बावजूद इसके जच्चा-बच्चा को एमसीएच विंग के प्रसव केन्द्र में भर्ती नहीं किया गया। इसी दौरान तीन-चार घंटे पूर्व जन्मे बच्चे की मौत हो गई। बच्चे की मौत से गुस्साये परिजनों ने प्रसव केन्द्र में मौजूद चिकित्सक, स्टाफ की लापरवाही से बच्चे की मौत होने का आरोप लगाया है। मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. नीरज अग्रवाल के नंबर पर फोन किया तो उनका नंबर बंद जा रहा था।
अस्पताल में हर समय खून उपलब्ध रहता है। मौजूद डॉक्टरों को जच्चा-बच्चा को भर्ती करना था। अगर जानबूझ कर उन्होंने भर्ती नहीं किया है तो संबंधित के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
डॉ.एबी सिंह, प्रभारी
सीएमएस, मेडिकल कॉलेज एटा