स्वास्थ विभाग का एनटीसीपी प्रोग्राम नए डीएम के पेंच कसने पर धरातल पर दिखने लगा।
*पिछले पंद्रह सालों से कागजी खानापूर्ति का सबब बना रहा।
*लाखों का बजट फाइव स्टार मीटिंग्स और कथित कार्यशालाओं पर उड़ाया गया।

एटा । भारत सरकार का तम्बाकू नियत्रण कार्यक्रम ( एन टी पी सी) नए जिलाधिकारी प्रेम रंजन सिंह के विभागीय अफसरों के पेंच कसने के बाद धरातल पर उतरने लगा है। उल्लेखनीय उक्त प्रोग्राम भारत सरकार की ११ वी पंचवर्षीय योजना के तहत वर्ष २००७ में लागू हुआ था। जिसके तहत इन वर्षों में अकेले एटा में प्रोग्राम की स्टेशनरी, जिला स्तरीय कार्यशालों जागरूकता के अभिमुखीकरण के नाम पर प्रति वर्ष लाखों का बजट खर्च किया जाता रहा है। इस प्रोग्राम के लिए बनाए गए सिस्टम में मैन पावर भी लगाई गई है डिजिटल एक्सपर्ट काम कर रहे हैं। परंतु उक्त कानून के तहत दोषी जनों से जुर्माना वसूला गया हो यह इन वर्षों में प्रकाश में नही आया जबकि हर वर्ष जुर्माना रसीदें जिला स्तर से ग्रास रूट स्वर पर वितरित की जाती रही हैं जिनके प्रकाशन में भी अच्छा खासा बजट खर्च हुआ है। इन पिछले पंद्रह वर्षों में इस अभियान की भौतिक उपलब्धियों का आंकलन किया जाए तो नौ दिन चले अढ़ाई कोस बाली कहावत ही चरितार्थ होगी। मजे की बात इन वर्षों में यह रही अभियान के नोडल अफसर बनाए गए वे अधिकतर इन जानलेवा प्रतिबंधित सामग्री का सेवन करते रहे है और स्मोकर भी रहे है। याद आती है एक मीडिया वार्ता जब एक नोडल अफसर प्रेस से वार्ता करते हुए मुंह में गुटका दबा कर तंबाकू के दुष्प्रभावों पर चर्चा कर रहे थे।तब उस जागरूक पत्रकार ने दोहरे आचरण पर सवाल किए थे। सूत्र बताते है पिछले पंद्रह सालों का लेखा जोखा का सत्यापन किया जाए तो बजट का बड़ा हिस्सा विभाग में लंच डिनर मंहगे होटलों की दावतों पर उड़ाया गया है।बताते हैं जिलाधिकारी प्रेम रंजन सिंह के स्थलीय निरीक्षण के बाद इस प्रकोष्ठ को धरातल पर सक्रिय करने के पिछले दो दिन पहले निर्देश दिए गए थे। उनके निर्देशन में आज दिनांक 05 अक्टूबर 2023 को राष्ट्रीय तम्बाकू, नियंत्रण कार्यक्रम के अन्तर्गत अपर जिलाधिकारी प्रशासन आलोक कुमार एवं नोडल अधिकारी एन०टी०सी०पी० डा० राममोहन तिवारी के सहयोग से सचल प्रवर्तन दल द्वारा तहसील सदर एटा के सामने एवं शिकोहाबाद रोड पर 12 दुकानों पर औचक निरीक्षण किया गया जिसमें दुकानदारों द्वारा तम्बाकू की लड़ियां टांगकर तम्बाकू पदार्थ बेचे जा रहे थे उन सभी दुकानदारों पर कुल 2150 रू0 का जुमार्ना किया गया साथ ही उन सभी को चेतावनी दी गयी कि तम्बाकू के प्रत्यक्ष एवं परोक्ष विज्ञापन पर रोक अर्थात् कोई भी तम्बाकू पदार्थ का प्रदर्शन नहीं किया जा सकता है तथा प्रत्येक दुकानदार को 30×60 से०मी० का साइनेज जिस पर लिखा है कि 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति को / के द्वारा तम्बाकू पदार्थ बेचना दण्डनीय अपराध है” दिया गया। यदि आप भविष्य में दोबारा प्रदर्शन सहित तम्बाकू उत्पाद बेचते पाये जाते है, तो नियमानुसार कठोर कार्यवाही करते हुए रू0 5000/- तक का जुर्माना किया जा सकता है। छापामारी दल द्वारा कार्यवाही के दौरान स्वास्थ्य विभाग से डा० अमन प्रताप सिंह, खाद्य सुरक्षा विभाग से मुनेन्द्र सिंह राणा, अरुण कुमार, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, शिक्षा विभाग से दयानन्द श्रीवास्तव डी०एस०एम० एवं पुलिस विभाग से राजवीर सिंह सवस्पेक्टर, योगेश कुमार, होतेन्द्र कुमार, अरविन्द धाकड़, सचल प्रवर्तन दल के सदस्य मौजूद रहे।
जिलाधिकारी की जनहित में ऐसी रुचि और कामकाज को देखते हुए जन मानस को लगने लगा है अब और भी ऐसे कार्यक्रम जमीन पर दिखेंगे और लोग उनको मतलब और मकसद समझ सकेंगे।