स्वास्थ्य विभाग के मुखिया अफीम चाट कर कुम्भ कर्ण निद्रा में

स्वास्थ्य विभाग के मुखिया अफीम चाट कर कुम्भ कर्ण निद्रा में*

*डेंगू लील रहा मासूमों को मलेरिया अधिकारी फरार कर्मचारी पर प्रभारी चार्ज*

*शासन को गुमराह करते हुए संक्रमित एवं वेक्टर जनित रोग से हुई दर्जनों मौत का आंकड़ा कागजों में भेजा शून्य*

*जनप्रतिनिधियों को तत्काल प्रभाव से शासन को भेजना चाहिए डाटा*

लखनऊ – उत्तर प्रदेश संत सरकार ने भष्ट्राचार पर चोट करते हुए जीरो टॉलरेंस नीती लागू की है, लेकिन भष्ट्राचारी जीरो टॉलरेंस को खुली चुनौती जनपद एटा में दे रहे है, आपको बताते चले संक्रमित एवं वेक्टर जनित रोग एटा में महामारी की तरह फैलना शुरू हो गया है, मलेरिया अधिकारी स्वास्थ्य विभाग के मुखिया को अफीम चटा कर छुट्टी लेकर चले गए , कर्मचारी लोकमन को प्रभारी मलेरिया अधिकारी का चार्ज दिया है, जो चार्ज चलाने में अक्षम है, संत सरकार के माध्यम से लम्बा बजट संक्रमित वक्टर जनित रोग मलेरिया – डेंगू आदि के लिए स्वीकृत किया है, बजट को चट करने में माहिर खिलाड़ी डाक्टर उमेश कुमार त्रिपाठी के संरक्षण में निरंकुश मलेरिया अधिकारी के माध्यम से शासन को मौतों का आंकड़ा शून्य रिपोर्ट भेज दी गई है, जबकि दर्जनो मौतें हो चुकी है,डॉ साहब की रिपोर्ट ने संत सरकार की साख पर बट्टा लगा दिया है, इधर मिरहची पीएचसी स्वास्थ्य विभाग के डॉ एवं कर्मचारियों के संक्रमित एवं वेक्टर जनित रोग देख कर होश उड़ गए हैं,मिरहची गांव सुल्तानपुर में डेंगू की घर -घर में चारपाई पर एक डेंगू का पोजिटिव मरीज लेटा है,पचास बर्षी सरबती देबी पत्नी नेत्रपाल सिंह की डेंगू से मौत के काल में धकेलने देने वाले स्वास्थ्य विभाग ने अपनी मौन स्थिति देते हुए शासन को बजट चट करते हुए लिखा जनपद एटा में डेंगू – मलेरिया मरीज शून्य है,

*स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी के घर में तीन डेंगू पॉजिटिव*
फार्मासिस्ट राजेंद्र सिंह सुमन के घर में तीन परिबार के सदस्य डेंगू पॉजिटिव है, पत्नी ५० साल की अनारश्री तथा १८ साल की पुत्री खुशी तथा वेटा अमन है, फार्मासिस्ट ने बताया तीनों की कार्ड एवं एलाइजा टेस्ट कराऐ तब सामने आया डेंगू पॉजिटिव है,
*स्वास्थ्य विभाग की जांच में जिला एटा में कोई डेंगू पॉजिटिव नही चट किया डेंगू बजट*
मंगलवार को स्वस्थ विभाग की टीम ने बाजिदपुर , कोसमा, सुल्तानपुर में ४४५ की जांच की १८६ मलेरिया तथा ५२ डेंगू और १२ लोगों एलाइजा टेस्ट कर सैम्पल जिला स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय पर भेजे है,

*मेडिकल कॉलेज फेल बना मौत का भमर*
रानी अबन्ती बाई मेडिकल कॉलेज एटा जिले में केवल ढांचा  के रुप में खड़ा है,जब जिला अस्पताल था,तब अच्छा था, अब मेडिकल कॉलेज के सदृढ़ पाली को देख लोगों में चर्चा मेडिकल कॉलेज मौतों का भमर बन गया है, ज्यादा तर मरीजों को रेफर कर अपनी साख बचाऐ पड़ा है, जो रेफर नही वो काल के गाल में पैक हो जाता है, पांच बर्षीय सनी पुत्र गुड्डू सिंह निवासी गजंडुडवारा को बुखार आ रहा था, मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया तो मौत के गाल में पैक कर दिया,

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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