रारपट्टी गांव के डेंगू पीड़ितो की जुबानी, संचारी रोग अभियान के सच का बताएगी कहानी।
पिछले एक हफ्ते से दर्जनों मरीज डेंगू की चपेट में, स्वास्थ्य विभाग है बेखबर।
डेंगू पीड़ित ज्यादातर झोलाछाप डॉक्टरों का सहारा ले रहे हैं– ग्रामीणजन

एटा जैसा कि शासन के निर्देशानुसार जनपद में स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचारी रोग नियंत्रण अभियान 03 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक चलाया जा रहा है। लेकिन शासन और प्रशासन द्वारा लोगों को जागरूकता करने की सच्चाई कुछ और ही बयां कर रही है। थाना देहात कोतवाली क्षेत्र में लगने वाले रारपट्टी गांव में पिछले एक हफ्ते से संचारी रोग डेंगू ने अपने पांव पसार रखें है। इसकी जानकारी ना स्वास्थ्य विभाग को है और ना ही स्वास्थ्य विभाग की जागरूकता फैलाने वाले टीम को। ग्रामीणों की माने तो दर्जनों लोग इस डेंगू की चपेट में आ जाने से गांव की स्थिति भया–भय की स्थिति बनी हुई है। डेंगू ने गांव में इस प्रकार से अपने पैर जमा रखे हैं कि लोगों के मन में डेंगू को लेकर डर बना हुआ है। गांव में एक परिवार में तो सभी सदस्य डेंगू से पीड़ित है, गांव में स्वास्थ्य विभाग की कोई टीम नहीं पहुंच रही। और ना ही स्वास्थ्य विभाग की तरफ से और ना ही ग्राम पंचायत की तरफ से भी किसी प्रकार का कोई भी डेंगू रोधी छिड़काव नहीं हो रहा है।सभी मरीज व्यक्तिगत रूप से अपना इलाज कर रहे हैं।जो सक्षम है वह जिले से बाहर और जो गरीब तबके का है वह झोलाछाप डॉक्टरों का सहारा ले रहे हैं। ऐसे में यदि कोई जनहानि होती है तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?