
एटा, । जवाहर तापीय में शुक्रवार को बिजली उत्पादन शुरू हो गया। सुबह से ही अधिकारियों की टीम जुटी हुई थी। दोपहर में जैसे ही बिजली बनना शुरू हुई, वैसे ही मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने तालियां बजाईं। विद्युत उत्पादन के एमडी पी गुरूप्रसाद के सामने पूरी प्रक्रिया की गई। यह उत्पादन गुरुवार को होना था, लेकिन तकनीकी खामी के कारण नहीं हो सका। अब एटा का नाम बिजली उत्पादन करने वाले जिलों में शामिल हो गया। हालांकि कुछ देर चलने के बाद मशीन में तकनीकी कमी आने से मशीन को बंद करना पड़ा। देर रात से फिर से बिजली का उत्पादन शुरू हो गया।
शुक्रवार को जवाहरपुर थर्मल पावर प्लांट में बिजली उत्पादन शुरू हो गया। जैसे ही उत्पादन शुरू हुआ तो 20 मेगावाट बिजली बनना शुरू हुई। धीरे-धीरे यह 50 मेगावाट पर पहुंच गई। प्रक्रिया शुरू होने से पहले पी गुरूप्रसाद पावर प्लांट पहुंच गए। उन्होंने पूरी जानकारी ली। देरशाम तक सभी अधिकारी और कर्मचारी इस प्रक्रिया में जुटे रहे। बिजली का उत्पादन होने के बाद एमडी ने विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बैठक की। इसमें प्लांट की प्रगति के बारे में पूछा। देररात्रि तक थर्मल पावर प्लांट में काम चलता रहा।
जवाहर तापीय विद्युत परियोजना प्रबंधक अजय कुमार ने बताया कि अक्तूबर के प्रथम सप्ताह तक पावर प्लांट की पहली यूनिट में प्रतिदिन 100, 150 एवं 200 मेगावाट तक ही बिजली उत्पादन किया जाएगा। उसके बाद अक्तूबर के दूसरे सप्ताह से पहली यूनिट में पूर्ण क्षमता के साथ 660 मेगावट बिजली का उत्पादन किया जाएगा।
…इसलिए नहीं हो सका था 21 को शुभारंभ एटा। तकनीकी दिक्कत आने के कारण गुरुवार को प्लांट में बिजली उत्पादन शुरू नहीं हो सका। चीफ इंजीनियर अजय कुमार कटियार ने बताया कि प्लांट की पहली यूनिट में बिजली उत्पादन शुरू करने के लिए 21 सितंबर का दिन तय किया गया था। उत्पादन की सभी तैयारियां भी हो गई, लेकिन प्लांट में लगे वायलर पंप के स्टेनर में धूल मिट्टी आ जाने से वह चोक हो गया। इस कारण पहले दिन बिजली उत्पाद नहीं हो सका। वायलर पंप स्टेनर को गुरुवार को की देररात्रि को दुरुस्त करा लिया गया।