
लखनऊ…यूपी में बीजेपी के डेढ़ दर्जन से ज्यादा सांसद उसकी अपनी कसौटी पर ही फेल हो गए हैं। लोकसभा चुनाव से पहले अपने सांसदों का रिपोर्ट कार्ड तैयार कर रही बीजेपी अगले लोकसभा चुनाव में कई बड़े चेहरों का टिकट काट सकती है।खास बात ये है कि इस रिपोर्ट कार्ड में यूपी के टॉप सांसदों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अमेठी से सांसद व मंत्री स्मृति ईरानी अव्वल हैं। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के पुत्र राजवीर, फिलहाल सपा के लिए बैटिंग कर रहे स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटी संघमित्रा मौर्य और आजमगढ़ से सांसद निरहुआ बतौर जनप्रतिनिधि जन आकांक्षाओं को पूरा करने में फेल पाए गए हैं।यूपी में लोकसभा की 80 सीटों में से बीजेपी के सहयोगियों के पास 66 सांसद हैं और इस बार तो बीजेपी ने अपने लिए ‘मिशन-80’ का लक्ष्य तय किया है। पार्टी को भी पता है कि ये लक्ष्य इतना आसान नहीं है। केंद्र और राज्य दोनों जगह दूसरे टर्म की सरकार के बाद एंटी-इन्कमबेंसी फैक्टर को भी नकारा नहीं जा सकता। इसलिए पार्टी लगातार अपने सांसदों का इंटरनल सर्वे करवा रही है।फिलहाल पार्टी ऐसे तीन इंटरनल सर्वे करवा चुकी है। तीसरे सर्वे में करीब 30 फीसदी सांसदों का रिपोर्ट कार्ड कमजोर यानी पुअर रहा है। यह रिपोर्ट कार्ड बताता है कि ये सांसद पासिंग मार्क्स से नीचे हैं और इनके भरोसे 2024 लोकसभा चुनाव में ‘मिशन-350’ और यूपी में ‘मिशन-80’ की वैतरणी पार नहीं लगाई जा सकती।पार्टी के आंतरिक सर्वे में सांसदों के काम को तीन कैटेगरी में बांटा गया है- ‘पुअर’, ‘एवरेज’ और ‘गुड’। ये इंटरनल सर्वे भारतीय जनता पार्टी के आगामी लोकसभा चुनावों की प्लानिंग का ही हिस्सा है। बीजेपी ने यूपी में अपने सांसदों के कामकाज का आंतरिक सर्वे फरवरी 2023 में शुरू किया था।पहला सर्वे फरवरी-मार्च में हुआ जिसमें कुछ अलग पैरामीटर रखे गए थे।दूसरा आंतरिक सर्वे मई-जून 2023 के बीच कराया गया। इन दोनों ही सर्वे के बाद भाजपा ने सांसदों की एक लिस्ट तैयार की और इसके बाद अब तीसरा आंतरिक सर्वे हाल ही में अगस्त-सितंबर महीने में संपन्न हुआ है।तीसरे और आखिरी सर्वे में कुछ पैरामीटर बदले गए थे।इसमें सबसे अहम मुद्दा यह पता लगाना था कि सांसदों के कामकाज से उनके लोकसभा क्षेत्र की जनता कितनी संतुष्ट है। इसी के आधार पर अब सांसदों की तीन कैटेगरी में लिस्ट तैयार हुई है।गुड’ कैटेगरी में आने वाले सांसदों की लिस्ट में सबसे ऊपर नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का है। वो वाराणसी के सांसद हैं। सर्वे में इस बात का भी जिक्र किया गया है कि वाराणसी के डेवलपमेंट मॉडल को पूरे देश में एक उदाहरण के तौर पर पेश किया जाए। उनके बाद लखनऊ के सांसद और देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का नाम इस कैटेगरी में है। वहीं, अमेठी सांसद और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का भी नाम इस लिस्ट में है। इनके अलावा केंद्र सरकार में वित्त राज्य मंत्री और महाराजगंज के सांसद पंकज चौधरी का भी नाम Good कैटेगरी में है। गौतम बुद्ध नगर के सांसद डॉक्टर महेश शर्मा, आगरा के सांसद और केंद्र सरकार में स्वास्थ्य राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल, जालौन के सांसद और केंद्र सरकार में राज्य मंत्री भानु प्रताप वर्मा का भी नाम ‘गुड’ कैटेगरी में है।बीजेपी के लिए चिंता का सबब हो सकता है कि पार्टी के तीसरे इंटरनल सर्वे में ‘एवरेज’ कैटेगरी वाले सांसदों की संख्या ‘पुअर’ कैटेगरी वाले सांसदों से कम है। इस कैटेगरी में 16 सांसदों के नाम शामिल हैं। यही नहीं, इस कैटेगरी में भी कुछ बड़े नाम हैं। इनमें मुजफ्फरनगर के सांसद डॉक्टर संजीव कुमार बालियान, कैराना सांसद प्रदीप कुमार, फतेहपुर की सांसद और केंद्र सरकार में राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति, आंवला सांसद धर्मेंद्र कुमार कश्यप, डुमरियागंज के सांसद जगदंबिका पाल, गोरखपुर के सांसद रवि किशन, अयोध्या के सांसद लल्लू सिंह, अलीगढ़ के सांसद सतीश गौतम, शाहजहांपुर सांसद अरुण सागर, बस्ती के सांसद हरीश द्विवेदी, झांसी के सांसद अनुराग शर्मा, इटावा के सांसद डॉ राम शंकर कठेरिया, कन्नौज के सांसद सुब्रत पाठक, हमीरपुर के सांसद पुष्पेंद्र सिंह चंदेल, बुलंदशहर के सांसद भोला सिंह, देवरिया के सांसद रमापति राम त्रिपाठी जैसे नाम शामिल हैं।बीजेपी के तीसरे इंटरनल सर्वे में करीब 20 सांसदों के नाम ‘पुअर’ कैटेगरी में शामिल हैं। सूत्रों की मानें तो इनमें सूबे के पूर्व सीएम और एटा सांसद राजवीर सिंह राजू भैया, सपा में जाकर लगातार अपने बयानों से विवादों में बने रहने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटी और बदायूं से सांसद संघमित्रा मौर्य, भोजपुरी एक्टर-सिंगर और आजमगढ़ के सांसद दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’, निषाद पार्टी से सुप्रीमो और योगी सरकार में मंत्री संजय निषाद के बेटे और संत कबीर नगर के सांसद प्रवीण निषाद और लगातार विवादों में रहने वाले मोहनलालगंज के सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री कौशल किशोर जैसे नाम शामिल हैं।इनके अलावा हरदोई के सांसद जयप्रकाश रावत, बाराबंकी के सांसद उपेंद्र रावत, कुशीनगर के सांसद विजय दुबे, सीतापुर के सांसद राजेश वर्मा, धौरहरा की सांसद रेखा वर्मा, प्रतापगढ़ के सांसद संगम लाल गुप्ता, फूलपुर सांसद केसरी देवी पटेल, फर्रुखाबाद सांसद मुकेश राजपूत, बांदा सांसद आरके पटेल, भदोही के सांसद डॉक्टर रमेश चंद बिंद, अकबरपुर के सांसद देवेंद्र सिंह भोले, मिश्रिख सांसद अशोक कुमार रावत, फिरोजाबाद सांसद डॉक्टर चंद्र जादौन और हाथरस सांसद राजवीर दिलेर का नाम भी शामिल है।इस इंटरनल सर्वे में उन सांसदों का भी नाम शामिल है जिनकी उम्र 75 पार कर गई है या उसके आसपास है। इसमें कानपुर के सांसद सत्यदेव पचौरी की उम्र 77 वर्ष, बहराइच सांसद अक्षयबर लाल गौंड की उम्र 77 वर्ष, बरेली सांसद संतोष गंगवार की उम्र 76 वर्ष, प्रयागराज सांसद रीता बहुगुणा जोशी की उम्र 75 वर्ष, मथुरा सांसद हेमा मालिनी की उम्र 76 वर्ष और मेरठ से सांसद राजेन्द्र अग्रवाल की उम्र 73 वर्ष बताई गई है।