*एटा-मलावन रेल ट्रैक तैयार, आज मुख्य ट्रैक से जोड़ा जाएगा, रिपोर्ट योगेश मुदगल

एटा, । जवाहर तापीय विद्युत परियोजना तक मालगाड़ियों के माध्यम से कोयला पहुंचाने के लिए एटा-मलावन रेल लाइन बनकर तैयार हो चुका है। कुछ मामूली कार्यों सहित अब इस लाइन को एटा-बरहन रेल ट्रैक से जोड़ने का कार्य किया रहा है। उसके बाद ट्रेनों का संचालन शुरू किया जा सकता है।
एटा रेलवे स्टेशन के समीप गांव गोकुल नगला से जवाहर तापीय विद्युत परियोजना के अंदर कोल यार्ड तक 24.4 किलोमीटर लंबी एटा-मलावन रेल लाइन बनकर तैयार हो गई है। उत्तर मध्य रेलवे से स्वीकृति मिलने के बाद कार्यदायी संस्था अब इस रेल लाइन को एटा-बरहन मुख्य रेल लाइन से जोड़ने का कार्य प्रारंभ कर रही है। इसके साथ ही नवनिर्मित रेल लाइन पर फायनल टच संबंधी मैनुअली कार्य किए जा रहे है।
इसके साथ ही थर्मल पॉवर प्लांट से एटा की तरफ रेल लाइन विद्युतीकरण संबंधी कार्य जैसे ओवरहेड वायरिंग (ओएचई), शेष स्थानों पर पोल लगाना आदि कार्य निरंतर चल रहा है। इसके अलावा एटा रेलवे स्टेशन की ओर से मलावन की ओर ट्रैक पर जगह-जगह सिग्नल लगाने के साथ टेलीकॉम संबंधी निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है।
रेलवे लाइन निर्माण कार्यदायी संस्था गिर्राज कंस्ट्रक्शन और रेलवे उपक्रम राइट्स के साइट इंजीनियर बृज गौतम के अनुसार कार्य में कोई बाधा न आने पर गुरुवार को यानी आज एटा-मलावन रेल लाइन को गोकुल नगला स्थित एटा-बरहन रेल लाइन से जोड़ दिया जाएगा। मुख्य ट्रैक से जुड़ते ही एटा-मलावन रेल लाइन निर्माण कार्य पूर्ण हो जाएगा।
गोकुल नगला के समीन बनी लूप लाइन को मुख्य लाइन पर ट्रैन संचलित होने के बाद या उससे पहले ही जोड़ दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि आगामी अक्टूबर तक नई रेलवे लाइन डीजल इंजन चलित ट्रेनों के चलाने योग्य हो जाएगी। क्यो कि रेल लाइन का निर्माण 99.9 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। शेष कार्य अगले महीने के शुरूआत तक पूरा होने की पूर्ण संभावना है।