
हाई कोर्ट ने विधानसभा और विधान परिषद में जो भर्तियां 2020- 21 के दौरान हुई थीं उसी को लेकर अब सीबीआई जांच के निर्देश दिए हैं।
दरअसल 2020-21 के बीच जब विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित थे तब विधानसभा में 90 पदों पर भर्ती हुई थी । जिसमें 57 ARO के थे और 15 पद RO के शामिल थे । इसके अलावा सुरक्षा गार्ड और रिपोर्टर के भी पद थे।
वही विधान परिषद में उस वक्त सभापति रमेश यादव थे और उनके समय में 100 पदों पर भर्तियां निकली थी।
विधानसभा के अधिकारियों ने इन्हीं भर्तियों में खेल किया था ।उस वक्त भी इस परीक्षा में शामिल हुए छात्र हाई कोर्ट गए थे उन्होंने हाईकोर्ट में धांधली के तमाम सबूत भी पेश किए थे, लेकिन तब कोर्ट में मामला खत्म हो गया था। आरोप तो यहां तक लगे थे कि उस वक्त के विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने अपने करीबी को नियम विरुद्ध जाकर महत्वपूर्ण पद पर विधानपरिषद में तैनाती दिला दी थी। तो वही विधान परिषद से जुड़े अफसर ने अपने करीबी रिश्तेदारों को विधानसभा में अलग-अलग पदों पर तैनात करा दिया था। उस वक्त सरकार के एक मंत्री के रिश्तेदार को भी इसी भर्ती में नौकरी मिल गई थी। वहीं विधानसभा के भी प्रमुख सचिव के कुछ करीबियों को तब विधान परिषद में तैनाती मिली थी।