
एटा
लगातार हो रही बरसात से प्राइवेट क्लीनिक डेंगू-मलेरिया के मरीजों से फुल हो गए हैं। लगातार बढ़ रहे मरीजों की वजह से क्लीनिक, हॉस्पिटल में बेड भी कम पड़ने लगे हैं। मजबूरन चिकित्सक एक-एक बेड पर दो मरीज को भर्ती कर उपचार दे रहे हैं। उसके बाद भी बीमार बच्चों के तीमारदार बैंच पर लिटाकर उपचार कराने में ही राजी हैं।
शहर के प्राइवेट क्लीनिकों में आलम यह है कि बीमार बच्चों को उपचार दिलाने के लिए तीमारदार सुबह सात बजे ही आना शुरू हो जाते हैं। क्लीनिक व अस्पताल में मरीजों का नंबर लगाया जाता है। इसके लिए क्लीनिक पर सुबह पांच बजे से ही नंबर लगाने के लिए लोग पहुंचना शुरू हो जाते हैं। जब तक सुबह दस बजे डाक्टर क्लीनिक में पहुंचते हैं। अंदर-बाहर क्लीनिक मरीजों से फुल हो जाता है। मरीजों को बैठने के लिए जगह रहती है। इसलिए मरीजों को क्लीनिक व अस्पताल के बाहर खड़े होकर अपनी बारी आने का इंतजार करना पड़ता है। क्लीनिक में चिकित्सक के पहुंचते ही नंबरों के हिसाब से एक कर्मचारी मरीजों को नाम लेकर बुलाते रहते हैं। अस्पतालों में बच्चों को भर्ती करने के लिए जितने बैड होते है। उससे अधिक बीमार बच्चे प्रतिदिन आ रहे हैं।
सरकारी में डेंगू एलाइजा 1149, मलेरिया की 79 हजार जांच प्रभारी जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि सर्वाधिक मरीज मेडिकल कॉलेज में आ रहे हैं। इसके अलावा सीएचसी, पीएचसी और हेल्थ एंड वेलनेंस सेंटर पर मरीजों की जांच कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि अगस्त से लेकर अब तक जनपद में डेंगू एलाइजा जांच लगभग 1149 हुई है। इसमें से 28 डेंगू पॉजिटिव निकले हैं। मलेरिया की लगभग 79 हजार जांच स्लाइड व कार्ड से कराई गई है। इसमें 36 मलेरिया पॉजिटिव मरीज निकले हैं।