
UP: पुश्तैनी मकान तोड़ते वक्त मिला लकड़ी का बक्शा, खोल कर देखा तो मिली ऐसी चीज; डर से कांप गए घरवाले
आगरा जिले के कस्बा अछनेरा में पुश्तैनी मकान तोड़ते समय एक लकड़ी का बक्शा मिला। मजदूरों ने इस बक्शे की जानकारी परिवार के लोगों को दी। परिवार वालों ने जब बक्शा खोला, तो उसमें ऐसी अजीब चीजें मिलीं, जिन्हें देखकर परिवार के लोग भी डर से कांप गए। तत्काल ही मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर इस बक्शे को कब्जे में लेकर विधि विज्ञान प्रयोगशाला के लिए भेजा है। पुलिस का कहना है वहां से रिपोर्ट मिलने का इंतजार है।
कुछ महीने पहले ही खरीदा था मकान
कस्बा अछनेरा के रहने वाले गया प्रसाद पुत्र धनीराम का एक पुश्तैनी मकान है। इस मकान को पूर्व चेयरमैन अशोक अग्रवाल द्वारा कुछ महीने पहले ही गया प्रसाद से खरीदा गया था। मकान काफी पुराना था, इसलिए दोबारे से बनवाने के लिए इसे तोड़ा जा रहा था। सोमवार को मजदूर मकान की ऊपरी मंजिल तोड़ रहे थे, तभी वहां से एक लकड़ी का बक्शा मिला। ये बक्शा देखकर मजदूरों को लगा कि हो सकता है इसमें कुछ कीमती सामान हो।
मजदूरों ने परिवार के लोगों की दी सूचना
मजदूरों ने तत्काल ही इस बक्शे के बारे में पूर्व चेरमैन को जानकारी दी। सूचना पर पहुंचे पूर्व चेयरमैन और उनके परिवार के लोगों ने जब इस बक्शे को खोला, तो अंदर से मानव कंकाल जैसी हड्डियां मिलीं। ये देख परिवार के लोगों के पसीने छूट गए। तत्काल ही मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष रोहित आर्य मौक पर पहुंच गए। पुलिस ने मजदूरों से पूछताछ की कि ये बक्शा उन्हें किस स्थान से और कैसे मिला।
विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजी गईं हड्डीनुमा डमी
पुलिस को बताया गया कि पूर्व मकान मालिक गया प्रसाद के भाई डॉ. नरेश अग्रवाल हड्डी रोग विशेषज्ञ एवं सर्जन थे, जो अपनी पढ़ाई के लिए हड्डीनुमा डमी वस्तुएं रखते थे। जिन पर मार्कर से मार्क के भी निशान लगे हुए मिले हैं। थानाध्यक्ष रोहित आर्य ने बताया कि प्रथम दृष्टया मानव कंकाल ना होकर डमी सैंपल प्रतीत हो रहा है। उक्त डमी को कब्जे में ले लिया गया है। परीक्षण हेतु विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जाएगा। रिपोर्ट प्राप्त होने पर अग्रिम कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।