
@,यूपी एटा—
चंद दिनों पूर्व हुई घोषणाएं प्रशासन द्वारा कि सड़कों पर अगर कोई भी आवारा जानवर पाया जाता है तो जिम्मेदारों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी—
एटा की बीआई पी कालोनी बनी जानवरों का अड्डा इसमें कुत्ता बन्दर और गौशाला भी—-सामिल है इस कॉलोनी में प्राइमरी स्कूल से लेकर इंटर कॉलेज तक चार-चार मौजूद है सुबह या दोपहर छुट्टी के टायम बच्चे जब स्कूल जाते और आते हैं तो यह जानवर रास्ते में इधर-उधर दौड़ते होते हैं जैसे तैसे पेरेंट्स बच्चों को स्कूल तक तो छोड़ते ही हैं लेकिन बहुत संघर्ष के साथ कभी-कभी बंदर और गाय सांड अटैक भी करते हैं बंदरों और सांडों ने कई इंसानों की मौत और जख्मी भी किए हैं लेकिन शासन और प्रशासन इतनी सख्त घोषणाएं करती है दूसरे दिन लगता है की सब ठीक-ठाक हो जाएगा लेकिन वही ढाक के तीन पात कुछ भी नहीं सब जस का तस इंसानों की बस्तियों में यह जानवर खुलकर तांडव करते हैं सुबह या पूरे दिन सड़कों पर बुजुर्ग बच्चों या महिलाएं कोई भी इंसान बहुत दहशत के साथ संभल कर अपने गन्तव्य तक पहुंचते हैं गौशालाओं की स्थिति जिंदा नरक जैसी पाई गई कई बार दलदल में भूखे प्यासे तड़प तड़प कर मरते गोवंश भी पाए गए आखिर सरकार से आया हुआ निवाला इनके नाम का जाता कहां कहां है।
राइटर,पत्रकार, दीप्ति चौहान।