
*बुंदेलखंड में राजनैतिक प्रतिषोध, टीकमगढ़ विधानसभा क्षेत्र में टिकट के लिए गुटों में बंटी कांग्रेस: पूर्व मंत्री यादवेन्द्र सिंह बुंदेला (जग्गू राजा) का विरोध, 6 नेताओं ने ठोकी दावेदारी*
टीकमगढ़ विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के 6 चेहरे दूसरे पाले में खड़े दिखाई दे रहे हैं, इनमें महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष वर्तमान पार्षद पूनम रजनी जायसवाल और अजय यादव, अनिल बड़कुल पार्थ सिंह सहित सभी चाहते हैं l हम में से किसी एक को इस बार टिकट दिया जाए l टीकमगढ़ विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक एवं पूर्व मंत्री यादवेंद्र सिंह बुंदेला (जग्गू राजा) अलग थलग पड़ गए हैं l अगर पार्टी ने सही तरीके से टिकट का बंटवारा नहीं किया तो यह गुटबाजी उस पर भारी पड़ सकती है l हालांकि कांग्रेस नेताओं का कहना है, पार्टी के अंदर किसी भी तरह की गुटबाजी नहीं है l सभी को दावेदारी करने का अधिकार है, इसलिए टिकट मांग रहे हैं l
यादवेंद्र सिंह बुंदेला (जग्गू राजा) यहां के कद्दावर नेता के तौर पर जाने जाते हैं, वो दिग्विजय सिंह सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं. पिछले दो बार से पार्टी ने इन्हीं को टिकट देकर मैदान में उतारा था l चुनाव मैदान में उतरने से पहले ही टीकमगढ़ में कांग्रेस दो फाड़ होती दिख रही है l यहां पार्टी को बीजेपी से पहले अपने ही नेताओं की गुटबाजी से निपटना पड़ रहा है l एक तरफ टिकट के पुरान दावेदार पूर्व मंत्री यादवेंद्र सिंह हैं और दूसरी तरफ 6 नेता l कांग्रेस और भाजपा पार्टी दोनों ही दल सत्ता हासिल करने के लिए भरपूर प्रयास कर रहे हैं, स्थानीय स्तर पर कांग्रेस नेता टिकट के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं l टीकमगढ़ विधानसभा से पूर्व मंत्री यादवेंद्र सिंह बुंदेला एक बड़ा चेहरा माने जाते हैं और कांग्रेस पार्टी हमेशा से ही इसी चेहरे पर अपना दाव लगाती रही है. पिछले दो विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने लगातार यादवेंद्र सिंह बुंदेला को टिकट दिया था लेकिन वो दोनों बार हार गए l इस बार अब पार्टी के कार्यकर्ता अलग खेमे में नजर आ रहे हैं l
*6 नेता एक तरफ…..…*
इस सीट से कांग्रेस के 6 चेहरे दूसरे पाले में खड़े दिखाई दे रहे हैं l इनमें महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष वर्तमान पार्षद पूनम रजनी जायसवाल और अजय यादव, अनिल बड़कुल पार्थ सिंह सहित सभी चाहते हैं, हम में से किसी एक को इस बार टिकट दिया जाए l यादवेंद्र सिंह अलग थलग पड़ गए हैं l अगर पार्टी ने सही तरीके से टिकट का बंटवारा नहीं किया तो यह गुटबाजी उस पर भारी पड़ सकती है l