एटा झोला छाप डॉक्टरो पर किन की है दया द्र्ष्टि cmo या डिप्टी cmo सर्वेश कुमार की या फिर एटा के नेताओ की है दया द्र्ष्टि।

बात की जाए तो पूरे एटा में खुले हैं फर्जी नर्सिंग होम बात करें तो पीपल अड्डे से लेकर जिरस्मी की नहर तक 20 से 25 झोलाछाप डॉक्टर बैठे हुए हैं ना तो किसी पर कोई डिग्री है और नहीं तो cmo ऑफिस में इनका रजिस्ट्रेशन है फिर भी किसी की दुकान में 10 बेड और किसी की में पांच बेड मिलेंगे और इन सभी की दुकानों पर बोतल चढ़ती मिलेगी
यह डॉक्टर दो-चार महीने किसी बड़े डॉक्टर के यहां कंपाउंड्री करते हैं और उसी के बाद अपना हॉस्पिटल या दुकान खोल कर बैठ जाते हैं ऐसे लोग ही भोली वाली जनता के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं आए दिन किसी न किसी हॉस्पिटल या दुकान पर एक न एक मरीज की मृत्यु हो जाती है इस का जिम्मेदार कौन है सीएमओ या झोलाछाप डॉक्टर इन लोगों को नोटिस दिया जाता है या उनकी दुकान और अस्पताल को सील किया जाता है उसी के बाद कुछ दिनों यह सीएमओ ऑफिस के चक्कर काटते हैं जहां लेन देन की बात हो जाती है वही इनका क्लीनिक खोल दिया जाता है ना किसी पर fir होती ना किसी पर कार्रवाई
अब देखना होगा की एटा में नए जिला अधिकारी के आने से सीएमओ ऑफिस पर कोई फर्क पड़ता है या नहीं रिपोर्ट: अनुज मिश्रा पत्रकार