केपी हॉस्पिटल ने आखिर किसकी कृपा से दूसरी दुकान में शुरू किया हॉस्पिटल

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ उमेश चंद्र त्रिपाठी के संरक्षण में फर्जी होस्पीटलों उगे कुत्तर मुत्तो की भांति*

*केपी हॉस्पिटल ने आखिर किसकी कृपा से दूसरी दुकान में शुरू किया हॉस्पिटल*

*मरीजों की जिंदगी से दोबारा खिलवाड़ शुरू*

*दलाल के आतंक से एटा की स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराई*

एटा /अलीगंज कस्बा के सराय रोड स्थित होटल के पास केपी अस्पताल द्वारा मरीजों की जिंदगी से दोबारा खिलवाड़ शुरू इस अस्पताल को आखिर कहां से इतनी दम मिल गई कि जो इसने मरीजों की जिंदगी से दोबारा खिलवाड़ करना शुरू कर दिया है ।आखिर इस अस्पताल को इतनी दम कहां से मिल रही है यह एक सोचने वाली बात है। की के पी अस्पताल के हौसले बुलंद कैसे हो गए। जो इसने अपने अस्पताल के बगल में दुसरी दुकान में हॉस्पिटल का  संचालन शुरू कर दिया बताया जाता है कि जनपद एटा के एक ब्लैक कोबरा द्वारा दम दिया जा रहा है। और मोटी रकम लेकर के अस्पताल को खुलवाने का भी दावा किया गया ‌। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ब्लैक कोबरा के पास कुछ पैसे पहुंच गए हैं उसने दावा किया कि  में तुम्हारा हॉस्पिटल जल्द से जल्द खुलवा दूंगा तब तक के लिए तुम बगल वाली दुकान में सेटअप डाल करके मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ करो में जनपद एटा पर बैठा हूं। उसी के आदेश से केपी अस्पताल बेखौफ होकर इलाज कर रहा है। जो खुलेआम मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहा है इस के पी हॉस्पिटल ने कई मरीजों का इलाज इस तरीके से किया कि वह काल के गाल में समा गए यह केपी हॉस्पिटल कई महिलाओं की जिंदगी खराब कर चुका है इस के पी हॉस्पिटल में इलाज के दौरान दो महिलाएं काल के गाल में चली गई पिछले कुछ दिनों पहले एक महिला की ऑपरेशन के के बाद हुई थी मृत्यु तब इसको सील कर दिया गया था।
कुछ दिनों दिनों बाद चांद पैसा लेकर के कप हॉस्पिटल को दोबारा खोल दिया गया था  इसके बाद के पी हॉस्पिटल के बारे में समाचार पत्रों में खबरों का प्रकाशन हुआ था। उसके बाद अस्पताल को सील कर दिया गया ।सील होने के उपरांत वहीं अस्पताल के बगल में ही दुसरी दुकान में ही संचालन शुरू कर दिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि मौत का सौदागर सीएमओ एटा एवं उसका एक पालतू ब्लैक कोबरा है। जो अस्पतालों पैथोलॉजी अल्ट्रासाउंडो से पूरे जनपद एटा में टेंडर पास करके अधिकारियों को कुंभकर्णी नींद सुला रहा है। जनपद एटा में पूर्व में रहे जिला अधिकारी महोदय अंकित कुमार अग्रवाल को स्वास्थ्य विभाग के बारे में कई बार अवगत कराया गया लेकिन स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों एवं अस्पतालों पैथोलॉजी अल्ट्रासाउंड पर कोई कार्रवाई होती नजर नहीं आई अब देखना यह है कि जनपद एटा में नवागत जिलाधिकारी प्रेम कुमार रंजन सख्त तेवरों के तो नजर आ रहे हैं लेकिन देखना यह है कि जनपद में स्वास्थ्य व्यवस्था में कुछ बदलाव ला सकेंगे जनपद एटा की जनता को उम्मीद ही नहीं पूर्ण विश्वास भी है कि जिला अधिकारी जनपद एटा में कुछ बदलाव जरूर करेंगे।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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