

हापुड़ की घटना को लेकर एटा में अधिवक्ताओ ने किया हड़ताल व अनशन जारी।
–अधिवक्ताओ के हित में संघर्ष जारी रहेगा:-अशोक कुमार सिकरबार।
एटा,
हापुड़ में अधिवक्ताओं पर पुलिस लाठीचार्ज को लेकर कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन एटा ने हड़ताल जारी रखकर, बार के अध्यक्ष अशोक कुमार सिकरबार एडवोकेट के नेतृत्व में बार में एक दिवसीय अनशन भी शुरू कर दिया है। अधिवक्ताओं ने बार के सभागार में सैकड़ो अधिवक्ताओं के साथ बैठक कर बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के आह्वान पर तीन दिवसीय हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया गया है। दिनांक 4,5,6 तारीख को पूरे प्रदेश में हापुड़ में पुलिस प्रशासन द्वारा अधिवक्ताओं पर लाठी चार्ज व घायल अधिवक्ताओं पर हो रहे प्रताड़ना के कारण प्रदेश के समस्त अधिवक्तागण प्रदेश के मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार को ज्ञापन अपर जिलाधिकारी प्रशासन आलोक कुमार को सौंप कर मांग की है कि हापुड़ घटना में दोषी पुलिस अधिकारी व कर्मचारियों पर अभिलंब एफआईआर दर्ज कर निलंबित करने की कार्रवाई की जावे, प्रदेश भर में अधिवक्ताओं के विरुद्ध पुलिस द्वारा मनगढंत झूठी कहानी बनकर मुकदमे दर्ज किए हैं उन्हें तत्काल प्रभाव से वापस किया जाए, हापुड़ की घटना में घायल अधिवक्ताओं को तुरंत इलाज हेतु कम से कम 50 लाख रुपए प्रत्येक अधिवक्ता को मुआवजा के रूप में दिया जाए, “एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट” तुरंत प्रदेश में लागू किया जावे, जिससे अधिवक्ताओं की जान-माल की सुरक्षा हो सके।
इस अवसर पर बैठक में देवेंद्र सिंह यादव एडवोकेट ने कहा कि हम धरना प्रदर्शन करने के लिए तैयार हैं,एटा के अधिवक्ता मनवीर की घटना में न्याय न मिलना काफी दुखद भी है। वर्तमान में देश में अधिवक्ताओं के साथ दुखद घटना घटित हो रही हैं,उनकी हत्याएं हो रही है और फर्जी झूठे मुकदमे लिखाए जा रहे हैं। इससे मैं काफी दुखी हूं। कु0सत्येंद्र सिंह ने कहा कि बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश ने अधिवक्ताओं के हित में जो कदम उठाया है वह सराहनीय है। प्रमोद तिवारी ने कहा कि हम उत्तर प्रदेश पुलिस की घोर निंदा करते हैं। पुलिस अपनी मानसिकता बदल ले और हापुड़ के साथ ही पूरे उत्तर प्रदेश में अधिवक्ताओं के खिलाफ राजनीतिक रूप से लिखाए गए झूठे मुकदमे वापस ले ले, अन्यथा पुलिस द्वारा विवेचनाओं की लगातार की जा रही लापरवाही और अनियमितताओं के खिलाफ आवाज बुलंद करने से पीछे नहीं हटेंगे।पूर्व महासचिव राकेश यादव ने कहा कि हापुड़ में हमारे अधिवक्ताओं के खिलाफ एक झूठा मुकदमा पुलिस ने लिखा, इसका विरोध करने पर पुलिस ने लाठी चार्ज की, यह पुलिस की खुली गुंडागर्दी है। सरकारी वकील हड़ताल से बाहर रहते हैं कल उनके खिलाफ भी कोई बात होती है। तो उन्हें अकेला संघर्ष करना पड़ सकता है।
लोकेंद्र सिंह ने कहा कि अधिवक्ताओं के हित के लिए हम किसी भी संघर्ष के लिए तैयार हैं। जब तक अधिवक्ताओं के साथ अत्याचार होता है हमें हड़ताल के माध्यम से सामूहिक रूप से विरोध करना चाहिए, पुलिस और सरकार अधिवक्ताओं के साथ हो रही घटनाओं में गंभीरता नहीं दिख रही है। हमारे कुछ सीनियर अधिवक्ता भी हड़ताल में भाग नहीं ले रहे हैं कल उनके साथ भी ।कुछ होगा तो वह हमसे सहयोग की अपेक्षा ना करें, उत्तर प्रदेश में प्रोटेक्शन प्रोटेक्शन एक्ट जल्द लागू किया जाए, बार के महासचिव गिरीश चंद्र शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जल्द एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू किया जाए। एटा बार में जल्द निर्णायक कमेटी का गठन किया जाएगा। जिससे कि अधिवक्ताओं के साथ हो रही घटनाओ की समीक्षा कर निर्णय लिए जा सके।और अधिवक्ताओ पर अत्याचार की हम वह घोर निंदा करते हैं। और हम अधिवक्तागण न्याय न मिलने तक इस संघर्ष को जारी रखेंगे। एटा बार के अध्यक्ष अशोक कुमार सिकरवार ने कहा कि अधिवक्ताओं के हित में संघर्ष जारी रहेगा ।वह चाहे किसी भी स्थिति से गुजरना पड़े हम माननीय बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के आह्वान पर एटा में तीन दिवसीय हड़ताल पर हैं और आज से अनशन भी शुरू कर रहे हैं। अनशन पर बैठने वालों में प्रमुख रूप से बार के अध्यक्ष अशोक कुमार सिकरवार ,महासचिव ग्रीश चंद्र शर्मा ,आदेश कुमार सक्सेना ,राजेश कुमार चौहान ,प्रवीन चतुर्वेदी, सत्यनारायण शर्मा ,राजू बेदी ,सत्यवीर सिंह ,रविंद्र नाथ ,अनिल कुमार ,उदयराज सिंह सोलंकी, देवेंद्र सिंह यादव, ने अनशन शुरू कर दिया है।
बार के सभागार में हुई बैठक में उपस्थित अधिवक्ताओ में मनवीर कुमार, लोकेंद्र राजपूत, प्रशांत यादव, देवेंद्र सिंह यादव ,जगन वाष्णेय, रमेश राजपूत, नैना शर्मा,सरिता कुमारी, दिनेश यादव, राकेश यादव पूर्व महासचिव, अनुज कुमार,शीलेन्द्र कुमार, कृष्ण पाल सिंह, अवनीश कुमार, अर्जुन यादव, धर्मेंद्र सिंह, सुरेंद्र कुमार वर्मा ,देवेंद्र कुमार लोधी, प्रवेंद्र यादव उदयराज सिंह सोलंकी , कु0सत्येंद्र पाल सिंह, राजेश कुमार चौहान ,जगदीश गुप्ता, लोकेंद्र सिंह, सर्वेंद्र यादव ,राजेंद्र सिंह यादव, मनोज उपाध्याय ,सुभाष चंद्र शर्मा ,बृजेश कुमार, सूर्यकांत यादव, नलिन पांडे ,केशव , तौसीफ खान, रूपराम वर्मा, रवि कुमार, प्रमोद तिवारी, श्यामवीर सिंह यादव, चंद्रेश शर्मा ,विशाल अग्रवाल ,नरेंद्र कुमार,आदि सैकड़ो अधिवक्तागण मौजूद रहे।