
अब नही रहा अधिकारियों में योगी जी का खौफ।*
*पूरे प्रदेश में लूटतंत्र हावी।*
*भृष्टाचारियों के होंसले बुलंद।*
एटा-किसी कवि की ये पंक्तियां अनायास ही याद आ गई,जिसमें लिखा था,*हर साख पे उल्लू बैठा है अंजामें गुलिस्तां क्या होगा।* अगर इन पंक्तियों पर ध्यान दिया जाए तो यह वर्तमान में उत्तर प्रदेश के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ साथ सरकार में बैठे मंत्रियो तक पर लागू होती नजर आ रही हैं।2017 कि भाजपा सरकार और 2022 कि भाजपा सरकार में बहुत बड़ा परिवर्तन नजर आ रहा है।2017 में जब भाजपा की सरकार बनी और मुख्यमंत्री योगी जी बने तब अनुशासन इतना टाइट था,कि जनता अपने को हर तरह से सुरक्षित मानकर चल रही थी।परंतु जैसे ही 2022 में भाजपा की फिर से पूर्ण बहुमत की सरकार प्रदेश में काबिज हुई,तो कुछ दिन तो सब ठीक ठाक चला।लेकिन ज्यों ज्यों समय बढ़ता गया,सरकार के अधिकारी कर्मचारी जनता को लूटने में जुट गए।इसका एक कारण यह भी है,कि पूर्व की सरकार की कार्यप्रणाली से अधिकारी खौफ में था,किंतु नए मंत्रिमंडल में आये विभिन्न पार्टियों के बने मंत्रियों की कार्यप्रणाली की बजह से भृष्टाचार अपनी चरम सीमा लांघ गया। *क्या भाजपा के अंदर योगी जी की बढ़ती छवि के कारण कोई द्वेष भावना पनप रही है, या फिर कुछ लोग योगी जी को रास्ते से हटाकर उत्तर प्रदेश में स्वयं मुख्यमंत्री बनने का ख्वाब देखने लगे हैं?* पूरे उत्तर प्रदेश में योगी जी की सरकार के बिजलीं विभाग को दिए गए रोस्टर के आधार पर जनता को बिजली देने का आदेश जारी किया गया।लेकिन इस आदेश की कैसी धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, वह प्रदेश की जनता भली भांति झेल रही है।सबसे महत्वपूर्ण मामला तो यह उजागर हो रहा है कि सुप्रीम कोर्ट और अन्य माननीय न्यायालयों के स्पष्ट आदेश जिसमें सूर्य अस्त होने के उपरांत व सूर्य उगने से पूर्व किसी भी घर मे घुसकर कोई कानूनी कार्यवाही अवैध है। *पर इस समय सभी आदेशों की धज्जियां उड़ाते हुए,बिजलीं विभाग में भर्ती संविदा कर्मी स्थानीय अधिकारियों की मिली भगत के रात्रि में सीढ़ी लेकर किसी के घर की छतों पर चढ़कर आतंक मचाये हुए हैं। साथ जनता की गाढ़ी कमाई को लूट रहे हैं।* जनता की शिकायत सुनने वाला कोई नहीं है।अलीगंज के बिजलीं उपभोक्ताओं के एक महीने के 46 हजार बिल यहाँ की विद्युत व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह लगा रही है।जनता त्रस्त है, बिजलीं विभाग के उन संविदा कर्मचारियों से जो पहले तो बाईपास कनेक्शन के माध्यम से जनता को चोरी करवा रहे हैं, फिर उन्ही को पकड़कर हजारों रुपयों की अवैध बसूली की जा रही है। *यही हाल एटा स्वास्थ्य विभाग का है, जहां सीएमओ एटा ने भृष्टाचार की तमाम हदे पार कर रखी हैं।पूरे जनपद के प्रतिष्ठित समाचार पत्र सीएमओ के कृत्यों को प्रमुखता से प्रकाशित कर रहे हैं।* पर उप मुख्यमंत्री जो स्वास्थ्य मंत्री भी हैं, सीएमओ के स्वजातीय होने के कारण तमाम भृष्टाचार के सबूत होने के बाबजूद भी कोई संज्ञान नहीं ले रहे हैं, इसका मतलब है,कि *दाल में कुछ काला है।* मेरा इस लेख के माध्यम से प्रदेश के ओजस्वी एवं ईमानदार मुख्यमंत्री योगी जी से आग्रह है,कि प्रदेश के माफियाओं की तरह प्रदेश में बढ़ रहे भृष्टाचार पर भी नकेल लगाने पर ध्यान देने की कृपा करें।अन्यथा ये भृष्टाचारी आपकी छवि को धूमिल करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगे।विचार देवेंद्र शर्मा देवू।