*इंस्पेक्टर का निधन, हक जमाने को पत्नियों में नोकझोंक, रिपोर्ट योगेश मुदगल

उझानी/एटा, । उझानी कोतवाली क्षेत्र के गांव बरीका नगला के रहने वाले अतुल सुमन को मृतक आश्रित में पुलिस विभाग में उपनिरीक्षक के पद पर वर्ष 2012 में नौकरी मिली थी। वर्ष 2014 में जनपद औरईया के थाना अछलदा के गांव पसई निवासी कमलेश की बेटी रेनू से सात मार्च को उनकी शादी हुई थी। इसके बाद अतुल सुमन ने वर्ष 2020 में उझानी निवासी निशा से दूसरी शादी कर ली। बताया जाता है इसकी भनक पहली पत्नी को भी नहीं थी। तब से अतुल सुमन दूसरी पत्नी के साथ ही रह रहे थे। तीन माह पूर्व तबियत खराब होने पर उन्हें परिजनों ने आगरा के निजी अस्तपाल में भर्ती कराया। इसी बीच उनका ट्रांसफर एटा से हाथरस हो गया। बीमारी के चलते वह हाथरस में आमद भी नहीं करा सके। परिजनों ने हालत में सुधार न होने के कारण दिल्ली के अस्पताल में भर्ती कराया। जहां बुधवार रात उन्होंने दम तोड़ दिया। जिसकी खबर लगते ही पहली पत्नी रेनू अपने पिता व भाइयों के साथ आ गई। पति की मौत पर विलाप करने लगी। जिसका दूसरी पत्नी ने विरोध किया। दूसरी पत्नी ने मामले की शिकायत कोतवाली पुलिस से की, लेकिन पहली पत्नी की मौजूदगी के चलते कोई मदद नहीं हो सकी। परिजनों ने दोनों की बातों को अनसुना कर शव को कछला ले जाकर अंतिम संस्कार कर दिया। परिजनों के मुताबिक, पुलिस अभिलेखों में इंस्पेक्टर के नाम संग पहली पत्नी का नाम दर्ज है।