
जनपद में 22 मतदेय स्थल और बढ़ाए गए
एटा- मतदेय स्थलों के संभाजन के संबंध में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों, जनप्रतिनिधियों, ईआरओ, एईआरओ के साथ कलक्ट्रेट सभागार में बैठक आयोजित की गई। जिले में 22 मतदेय स्थल और बढ़ाए गए हैं। जबकि दो मतदेय स्थलों को समायोजित किया गया है।
डीएम अंकित कुमार अग्रवाल ने बताया कि पूर्व में अलीगंज विधानसभा क्षेत्र में 383 मतदेय स्थल, एटा में 402, 105-मारहरा में 366, 106-जलेसर में 355 सहित कुल 1506 बूथ थे। अब यह मतदेय स्थानों का संभाजन के उपरान्त अलीगंज में 395, एटा में 402, मारहरा में 366, जलेसर में 365 सहित कुल 1528 मतदेय स्थल प्रस्तावित किए गए हैं। इसमें से 20 मतदेय स्थल ऐसे हैं जिसमें 1300 से अधिक मतदाता थे और 02 मतदेय स्थल शिकायतों के आधार पर समायोजित हुए हैं। डीईओ ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपील की कि वह बूथवार बीएलए की तैनाती कर सूची निर्वाचन कार्यालय को उपलब्ध करा दें। आयोग की ओर से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में पूर्व में ऐसे मतदेय स्थल जहां पर 1500 से अधिक मतदाता है, उन्हें विभाजित कर एक नया पोलिंग स्टेशन बनाने के निर्देश दिए गए थे। इसके साथ ही ऐसे मतदेय स्थल वाले भवन जो अत्यधिक जर्जर व पुराने हो गए थे, उनको उसी मतदान क्षेत्र के तहत स्थायी सरकारी भवन में स्थानांतरित कर लिया गया है। डीएम ने मतदाताओं के आधार एकत्रीकरण की प्रगति में सुधार किया जाए। जलेसर में प्रगति काफी खराब है। इसमें एक सप्ताह में सुधार किया जाए। बीएलओ घर-घर जाकर सत्यापन कार्य में तेजी लाई जाए। एक रजिस्टर मैंटेन किया जाए।
आयोग की टीम की तरफ शीघ्र ही जनपद में भ्रमण कर निर्वाचन कार्यों की समीक्षा की जा सकती है। एडीएम वित्त एवं राजस्व आयुष चौधरी, एसडीएम अलीगंज वेद प्रिय आर्य, एसडीएम सदर सुश्री भावना, तहसीलदार जलेसर अजीत कुमार, तहसीलदार अलीगंज राकेश कुमार, नायब तहसीलदार विक्रम सिंह, एडीईओ राजेन्द्र भारती, भाजपा महामंत्री सुशील गुप्ता, अलीगंज विधायक प्रतिनिधि विट्टू राठौर, मारहरा विधायक प्रतिनिधि कौशिक राजपूत सहित अन्य पार्टी पदाधिकारीगण, निर्वाचन कार्यालय के कर्मचारीगण, वीआरसी आपरेटर आदि मौजूद रहे।