यातना पीड़ितों को आर्थिक स्वाबलंबन एंव समग्र पुनर्वास के लिए संस्था द्वारा बकरी पालन के लिए बकरी दिया गया।

वाराणसी जनमित्र न्यास मानवाधिकार जननिगरानी समिति के द्वारा इंटरनेशनल रिहैबिलिटेशन काउंसिल ऑफ टॉर्चर विक्टिम व यूनाइटेड नेशन ट्रस्ट फण्ड फॉर टॉर्चर विक्टिम के आर्थिक सहयोग से यातना पीड़ितों को आर्थिक स्वाबलंबन के लिए बकरी पालन हेतु दिया गया। गरीब वंचित समुदाय के लिए आर्थिक स्वावलंबन के इस कार्यक्रम में 20 परिवारों को बकरी पालन के लिए दिया गया जिससे वे आने वाले समय में अर्थ लाभ कमा सकें। वाराणसी जिले के बड़ागांव ब्लाक ग्राम दीनापुर के छ परिवारों एंव बजरडीहा भेलूपुर थानांतर्गत यातना से प्रताडित परिवारों को बकरी पालन के लिए दिया गया | इसी के साथ सोनभद्र जिले के रौंप घसिया बस्ती में 12 यातना पीड़ितों एवं 3 व्यक्तियों की हिरासत में हुए मौत से हुई विधवा महिलाओं को भी बकरी पालन हेतु बकरी दिया गया।
इस अवसर पर संस्था के मैनेजिंग ट्रस्टी श्रुति नागवंशी ने कहाकि, यातना पीड़ितों को समाज कि मुख्यधारा से हाशिए पर जीवन जीने को बाध्य है इनके गरिमा को बढाने के लिए इन्हें आथिक रूप से शसक्त करना जरुरी है तभी ये समाज के मुख्यधारा से जुड़ सकते है जिसके लिए मानव विकास सूचकाकों के नजरिए से बढ़ाने के लिए विशेष पहल और कार्यक्रम संचालन की जरूरत है | संस्था की मैनेजमेंट टीम के सीनियर सदस्य शिरीन शबाना खान ने कहाकि यातना पीड़ित लोगो को मजबूत बनाने के लिए उनके साथ लोक विद्यालयों का आयोजन करके उनके ज्ञान व्यवहार अभ्यास में सतत विकास के लिए प्रयासरत रहती है जिससे वंचित पीड़ित समुदाय स्थाई विकास कर सकें और बकरी पालको को आने वाले समय में किसी भी तरह के आर्थिक संकट से मुक्ति मिलेगी |
इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से संस्था की तरफ से मंगला प्रसाद छाया कुमारी राजेन्द्र प्रसाद ज्योति कुमारी संजय कुमार और पिंटू गुप्ता आदि उपस्थिति रहे |
डा. लेनिन रघुवंशी निदेशक
जनमित्र न्यास मानवाधिकार जननिगरानी समिति।