बहू नाटक का बहुत सुंदर मनमोहक मंचन किया गया ।

नाट्य समारोह सूरसदन
आगरा में कल्पना संगीत एवं थियेटर संस्थान राजस्थान द्वारा खबसूरत (खूबसूरत ) बहू नाटक का बहुत सुंदर मनमोहक मंचन किया गया ।
नृत्य गीत वाद्य युक्त संगीत मय ग्रामीण परिवेश और ग्रामीण देहात की भाषा में
प्रस्तुत इस नाटक ने प्रतिक्षण दर्शकों को अपने आकर्षण में बांधे रखा ।
इस सत्र का उद्घाटन श्री अरुण ढंग जी
वरिष्ठ समाज सेवी आगरा द्वारा किया गया ।।
बाल बिधवा चाची अपने भतीजे हरी के लिये खूबसूरत बहू लाना चाहती है ।
पड़ोसन अपने रिश्तेदार की सुंदर लड़की से रिश्ता पक्का करा देती है
इस शर्त पर कि दहेज कम मिलेगा ।
गांव के लोग भतीजे को टीवी और फटफटिया दहेज में मांगने हेतु उकसाते
हैं लड़का चाची से जिद भी करता है किंतु चाची को केवल खूबसूरत बहू चाहिए , दहेज नहीं ।
खूबसूरत बहू और चाची में खूब आदर
प्रेम है । चाची बहू को अपने साथ ही
लगाये रखती है , इससे भतीजा परेशान
रहता है ।
सुंदर बहू को देखने के लिये भतीजे के समवयस्क लड़के अवसर तलाशने की
जुगाड़ में लगे रहते हैं ।
एक सिटीरिटर्न्ड मनचले कुछ ज्यादा ही
प्रयास रत हैं , दर्शन हेतु अधीर हैं ।
ये सब दृश्य इतने सुंदर अभिनीत किये
गये हैं कि दंग कर देते हैं ।
दो साल हुए दुलहिन को सन्तान नहीं हुई , गांव की स्त्रियों में चर्चा कानाफूसी
शुरू हो गयी है , चाची भी परेशान हैं ,
वे बहू को एक कथितसंन्यासी के पास ले जाती हैं वह ढोंगी बाबा बहू से अभद्र व्यवहार करने लगता है बहू पढ़ीं लिखी है बाबा की भर्त्सना कर स्वयं को बचा लेती है शोर मचा देती है और उस
ढोंगी बाबा की लोग अच्छी ठुकाई कर देते हैं ।
बहुत सुंदर प्रस्तुति ।अति शिक्षाप्रद नाटक । । ।
सभी रंगकर्मियों को सुंदर अभिनय के लिये हार्दिक बधाई । अभिनन्दन ।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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