साधो ऐसा ही गुरू भावे

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के मंच कला विभाग में आज दिन गुरूवार को हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत के अगस्त माह मे अवतरित हुए प्रसिद्ध संगीतज्ञों को कृतज्ञता ज्ञापन हेतु साधो तुम्हे प्रणाम कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम को विभाग के एम.म्यूज द्वितीय सेमेस्टर के द्वारा आयोजित किया गया ।
कार्यक्रम का शुभारंभ विभाग के सभी गुरुजनों द्वारा मां सरस्वती एवं श्री गणेश के प्रतिमा पर माल्यार्पण कर के किया गया। तत्पश्चात कार्यक्रम की शुरुआत राग जयति वीणावादिनी मां सरस्वती वंदना से एम.म्यूज के विद्यार्थियो द्वारा की गई।
कार्यक्रम में विशेष रुप शास्त्रीय संगीत के सात संगीतज्ञों पं विष्णु नारायण भातखंडे उस्ताद अमीर खां उ.अल्लादिया खां पं. विष्णु दिगम्बर पलुस्कर सिद्धेश्वरी देवी पं. रामाश्रय झां उ.अब्दुल राशिद खां के सांगीतिक योगदान और उनके कृतित्व पर क्रमश: एम.म्यूज द्वितीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों आदित्य समृद्धि वर्षा आशीष वैष्णवी कीर्ति प्रिया ने प्रकाश डालते हुए पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से अपनी प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में पं.रामाश्रय झां रचित रागमाला हे मन कल्याण होवे तेरो” की सुंदर प्रस्तुति द्वितीय सेमेस्टर की समृद्धि गुप्ता और दिव्यांशी पांडेय द्वारा की गई।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही विभागाध्यक्ष डाॅ.संगीता घोष ने विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज के दिन हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत के सबसे बड़े शास्त्रज्ञ पं.विष्णु नारायण भातखंडे की जयंती है जिनका शास्त्रीय संगीत में योगदान अविस्मरणीय एवं अद्वितीय है। साथ ही सभी संगीतज्ञो के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि यह परंपरा स्नातकोत्तर के विद्यार्थियों द्वारा शुरू की गई है इससे आने वाली पीढ़ी का अपने पुरखो के प्रति आदर का भाव बना रहेगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य भी यही है कि आने वाले प्रत्येक माह मे शास्त्रीय संगीत के सभी प्रसिद्ध कलाकारों संगीतज्ञों के जन्मदिवस एवं पुण्यतिथि के अवसरों पर उन्हे याद कर उनके प्रति समर्पण का भाव प्रकट किया जाय। तत्पश्चात एम.म्यूज द्वितीय सेमेस्टर के सभी विद्यार्थियों द्वारा भजन “साधो ऐसा ही गुरू भावे के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।इस कार्यक्रम का संचालन एम.म्यूज के विद्यार्थी आदित्य अग्रहरी ने किया। इस अवसर पर विभाग की डाॅ.आकांक्षी डाॅ.ऋचा वर्मा सुमंत कुमार आदि की उपस्थिति रही।