
एटा,जल जीवन मिशन के तहत जिले की 400 से अधिक ग्राम पंचायतों में 800 करोड़ की लागत से पेयजल संबंधी निर्माण कार्य पिछले दो साल से चल रहे है,फिर भी ग्राम पंचायतै तरस रही हैं जल को
जल जीवन मिशन के तहत जिले की 400 से अधिक ग्राम पंचायतों में 800 करोड़ की लागत से पेयजल संबंधी निर्माण कार्य पिछले दो साल से चल रहे है। इसके बाद भी पेयजल सुविधा नहीं मिल सकी है। खुदी पड़ी गलियां और मुख्य सड़कें लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है।
जिले की कुल 569 ग्राम पंचायतों में से 487 ग्राम पंचायतों को जल जीवन मिशन योजना के तहत चयनित किया गया। इनमें से कुल 442 ग्राम पंचायतों में वर्ष 2021 के अगस्त माह से नलकूप, ओवर हैड टैंक एवं पाइप लाइनें बिछाने का कार्य शुरू किया गया। कार्य शुरू हुए दो साल पूरे होने के बाद भी किसी भी ग्राम पंचायत को अब तक इस योजना का लाभ नहीं मिल सका है। जबिक शासन से प्राप्त लक्ष्य के अनुसार योजना में चयनित सभी ग्राम पंचायतों में अधिकतम 18 महीनों के अंदर निर्माण कार्य पूर्ण कर पेयजल देना था लेकिन अब तक किसी भी ग्राम पंचायत में निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है।
इतना ही जल निगम ने अब तक 45 ग्राम पंचायतों में पेयजल योजना संबंधी निर्माण कार्य शुरू भी नहीं कराया है। जिन 442 ग्राम पंचायतों में कार्य शुरू किया गया है। वहां की दो वर्षों से गलियां एवं मुख्य मार्ग खुदे पड़े है। जिससे गांव के लोगों को बेहद परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।