
प्रयागराज…..इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि नाबालिग के खिलाफ भी गैंगस्टर एक्ट की एफआइआर दर्ज की जा सकती है। आपराधिक केस चार्ट में शामिल अभियुक्त यदि नाबालिग था तो इससे गैंगस्टर एक्ट की कार्यवाही पर फर्क नहीं पड़ेगा। कोर्ट ने इस दलील को अस्वीकार कर दिया कि अपराध चार्ट बनाते समय याची नाबालिग था।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि स्त्री-पुरुष में कोई नाबालिग हो तो लिव इन रिलेशनशिप मान्य नहीं है। ऐसे मामले में संरक्षण नहीं दिया जा सकता। यदि संरक्षण दिया गया तो यह कानून और समाज के खिलाफ होगा। कोर्ट ने कहा कि केवल बालिग जोड़े ही लिव इन में रह सकते हैं।चाइल्ड प्रोटेक्शन एक्ट के तहत नाबालिग से ‘लिव इन’ अपराध है। चाहे पुरुष हो या स्त्री। कोर्ट ने कहा कि बालिग महिला का नाबालिग पुरुष द्वारा अपहरण का आरोप अपराध है या नहीं? यह विवेचना से तय होगा। केवल लिव इन में रहने के कारण राहत नहीं दी जा सकती।