
उ0प्र0 देश के उड्डयन क्षेत्र में नई पहचान बनकर उभरा : मुख्यमंत्री
प्रधानमंत्री जी के विजन के अनुरूप प्रदेश में नागरिक उड्डयन क्षेत्र का विस्तार
हो, इसके लिए प्रदेश में घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट की संख्या में वृद्धि करें
जनपद श्रावस्ती, आजमगढ़, चित्रकूट, अलीगढ़ में राज्य सरकार
द्वारा कराए जा रहे सिविल कार्य पूर्ण हो चुके, यह प्रगति सराहनीय
जेवर एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी बेहतर हो, इसके लिए
वहां पर आर0आर0टी0एस0 या लाइट मेट्रो की व्यवस्था की जाए
कुम्भ से पूर्व प्रयागराज एयरपोर्ट की
क्षमता व नागरिक सुविधाओं में विस्तार किया जाए
लखनऊ : 01 अगस्त, 2023
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज यहां अपने सरकारी आवास पर आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में नागरिक उड्डयन विभाग के कार्यों की समीक्षा की और व्यापक जनहित में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश के उड्डयन क्षेत्र में नई पहचान बनकर उभरा है। प्रदेश में अभी तीन अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट संचालित हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के विजन के अनुरूप प्रदेश में नागरिक उड्डयन क्षेत्र का विस्तार हो, इसके लिए प्रदेश में घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट की संख्या में वृद्धि करें एवं नागरिक सुविधाओं में विस्तार सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि दिव्य और भव्य कुम्भ से पूर्व प्रयागराज एयरपोर्ट की क्षमता व नागरिक सुविधाओं में विस्तार किया जाए। साथ ही, प्रयागराज एयरपोर्ट की क्षमता को 300 यात्रियों से बढ़ाकर 500 यात्री की जाए। इसके अलावा, प्रदेश में हेलीकॉप्टर की सुविधा को बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि जेवर एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी बेहतर हो, इसके लिए वहां पर आर0आर0टी0एस0 या लाइट मेट्रो की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बढ़ रही हवाई यात्रियों की संख्या को देखते हुए उनकी सुविधाओं का भी ध्यान रखा जाए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि गोरखपुर एयरपोर्ट का त्रिपक्षीय सर्वे जुलाई में पूर्ण हो चुका है। इसका निर्माण कार्य शीघ्र प्रारम्भ करें। प्रदेश में तीन अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट, 17 हवाई पट्टियां हैं। 08 हवाई पट्टियां भारतीय वायु सेना के अंतर्गत हैं। जनपद श्रावस्ती, आजमगढ़, चित्रकूट, अलीगढ़ में राज्य सरकार द्वारा कराए जा रहे सिविल कार्य पूर्ण हो चुके हैं, यह प्रगति सराहनीय है।
इस दौरान मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि वर्ष 2016-2017 के सापेक्ष छह साल में प्रदेश में हवाई माध्यम से माल ढुलाई में चार गुना वृद्धि हुई है। वर्ष 2016-2017 में प्रदेश में माल ढुलाई जहां 5895 मीट्रिक टन थी, वहीं वर्ष 2022-23 में यह बढ़कर 20, 813 मीट्रिक टन हो गई। यह वृद्धि काफी सराहनीय है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2016-2017 में प्रदेश में एयर ट्रैफिक जहां 46,585 था। वहीं वर्ष 2022-2023 में यह संख्या बढ़कर 82,615 हो गई है। हवाई उड़ानों के साथ-साथ यात्रियों की संख्या में भी काफी वृद्धि हुई है। वर्ष 2016-2017 में 59.97 लाख यात्रियों ने हवाई यात्रा की है। वहीं 2022-2023 में 96.02 लाख यात्रियों ने हवाई यात्रा का लाभ उठाया है।