गांव में शव को पहुंचते ही हर आंख से बहने लगी अश्रु धारा का पार्थिव शव , रिपोर्ट योगेश मुदगल

एटा,मारहरा। क्षेत्र के गांव नगला कलुआ के लाल की उडीसा के कोरापुट जनपद सेनाबेडी में संदिग्ध परिस्थिति हुई मौत ने सबको झकझोर कर रख दिया । जवान का पार्थिव शव गांव में पहुंचते ही चीत्कार मचने लगी हर आंख नम हो गयी। वहीं परिजनों ने हत्या करने का बटालियन के अधिकारियों और जवानों पर आरोप लगाते हुए शव लेने से इंकार करते हुए शव लेने से इंकार कर दिया काफी मशक्कत के बाद भारी तादाद में पुलिस फोर्स पहुंच गया वहीं उपलिाधिकारी भावना के पहुंचने पर मांग पत्र देकर मांग पूरी होने के आश्वासन पर पार्थिव शव सुपर्द लिया। दिल्ली से पार्थिव शव लेकर गांव आये जवानों ने जवान को सलामी दी उसके बाद राजनेताओं ने श्रधंाजलि दीं तदोपरांत पार्थिव शव को नम आंखों से अंितम विदाई दी गयी।

नगला कलुआ निवासी अमरपाल 2016 में सीआरपीएफ में भर्ती हुआ उसके बाद सब कुछ सही चल रहा था। 2022 अप्रैल में शादी के बाद जवान की पाेिस्टंग उडीसा के जनपद कोरापुट सोनाबेडी 202 बटालियन में हो गयी। परिजनों के मुताबिक बताया गया कि जवान को बटालियन में प्रताडित अधिकारी एवं जवान करने लगे जिससे परेशान था 20 दिर्न पूर्व छुटटी पर आये जवान ने अपनी बीती पिता को बताई। उसके बाद 22 मई को जवान की मौत होने की सूचना से परिवार को तोड कर रख दिया। जिसमें पत्नी कल्पना गौतम का रोरोकर बुराहाल बना हुआ है। जबकि मृृतक जवान अपने पीछे तीन माह के मासूम लक्ष्य को छोउ गया है। जवान को प्रताडित करने पर सदिग्ध मौत से परिजनों ने तैनात बटालियन के अधिकारियों एवं जवानों पर आरापे लगाते हुए पुनः पोस्टमार्टम कराने एवं एफआईआर दर्ज कराने को लेकर अडे रहे जबकि उनकी मांग थी कि पत्नी को नौकरी और आर्थिक मुआवजा दिया जाय। मामले में पहुंचे सीओ सदर सुनील त्यागी पंुलिस ने काफी समझाने की कोशिश की लेकिन परिजन शव लेने को राजी नहीं हुए जिसमें एसडीएम सदर भावना नायब तहसीलदार के साथ भारी तादाद में पुलिस फोर्स गंाव में पहुंच गया । चार घंटे चली वार्ता के बाद परिजनों की मांग पत्नी की नौकरी आर्थिक मदद देने का ज्ञापन एसडीएम को सौंपा गया मांग पूरी करने के आश्वासन देने पर जवान का शव सुपर्दगी में परिजनों ने लिया। शव के साथ जाफरपुर दिल्ली से आये जवानों ने सलामी दी। उसके बाद मृतक जवान को पुष्प चक्र अर्पित कर श्रधांजलि दी गयी। जवान के शव को नम आखों के बीच उनके पैतृक गांव में पंच तत्तव में विलीन किया गया।
जवान का शव न लेने पर पहुंचा भारी पुलिस फोर्स
मृतक जवान के शव को परिजनों द्वारा सुपर्दगी में न लेने को लेकर आधा दर्जन थानों का र्फोस गांव में पहुंच गया। वहीं उपलिाधिकारी भावना , नायब तहसीलदार श्रीवास्त मौके पर पहुंच गये।
जवान के अंतिम दर्शनों को उमडा जन सैलाब
मृतक जवान के अंतिम दर्शनों के लिए सुबह से ही गांव भीड जुटने लगी लेकिन कुछ मांगों को लेकर करीब चार घंटे बाद पार्थिव शरीर के लोगों के दर्शन हुए लोग भारी मात्रा में अंतिम दर्शन के लिए जुटे रहे।
इन नेताओं दी श्रंधाजलि
सीआरपीएफ के मृतक जवान अमरपाल को पूर्व विधायक मारहरा अमित गौरव यादव टीटू, सपा जिलाध्यक्ष परवेज जुवैरी, ब्लाक प्रमुख मारहरा रविवर्मा के साथ अन्य नेता भी मौजूद रहे।
जवानों ने दी सलामी
मृतक जवान के शव को लेकर गांव आये दिल्ली जाफरपुर 200 बटालियन के जवानों ने सलामी दी वहीं हबलदार एमएल मीना, एसआई रामभज, प्रदीप कुमार सहित आधा दर्जन जवान , वहीं 202 बटालियन उडीसा से सतेन्द्र कुमार कांस्टेबिल मौजूद रहे।
तीन माह के मासूम को पिता का प्यार नही हुआ नसीब
जवान अमर पाल के एक तीन माह का पुत्र लक्ष्य है जिसे अभी पिता के दुलार को समझ पाता जब तक उसको प्यार देने वाले पिता सर से साया ही उठ गया।
तीन भाईयों में छोटा था जवान
सीआरपीएफ का मृतक जवान अमरपाल अपने तीन भाईयों में छोटा था बडा भाई फिरोजाबाद आरईएस विभाग में इंजीनियर है तो वही बीच बाला भाई बेशिक शिक्षा विभाग में अवागढ में सेवा दे रहा है। दोनों भाईयों को रोरोकर बुरा हाल है उनका कहना है भाई के चले जाने से जिंदगी अधूरी रह गयी।